हिसार : रेलवे क्लर्क ने किया 17 लाख का गबन, ऑडिट में पकड़ा गया
पुलिस ने केस दर्ज करके छानबीन आरंभ की
हिसार, 05 फरवरी (हि.स.)। रेलवे ऑडिट टीम ने
विभाग के लिपिक द्वारा किया गया 17 लाख का गबन पकड़ा है। ऑडिट टीम को जांच में पता
चला कि लिपिक ने यात्रियों से वसूला किराया और जुर्माना रेलवे में जमा करवाने के बजाय
खुद की जेब में डाल लिया। ऑडिट में कुल गबन 17 लाख का सामने आया। जीआरपी पुलिस ने हिसार
जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक प्रेमचंद की शिकायत पर उक्त लिपिक के खिलाफ गुरुवार काे केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच
एएसआई सुरेन्द्र कुमार कर रहे हैं।
रेल अधिकारियों ने अपनी शिकायत में कहा है कि
हिसार रेलवे स्टेशन पर एक वरिष्ठ रेलवे कर्मचारी द्वारा लाखों रुपए के सरकारी राजस्व
के गबन का यह पहला बड़ा मामला है। राजकीय रेलवे पुलिस ने सीनियर सीसीटीसी के पद पर
कार्यरत बिहार के मधेपुरा के क्लर्क हरिकिशन के खिलाफ धोखाधड़ी और विश्वासघात की गंभीर
धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी हरिकिशन फ्री रोस्टर में टिकट चेकिंग के
कार्य पर तैनात था। जांच में सामने आया कि एक जून 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच उसने
यात्रियों से जुर्माने और किराए के रूप में कुल 17 लाख 610 रूपए की राशि एकत्रित की।
नियम के अनुसार यह पैसा रेलवे के खाते में जमा होना था, लेकिन आरोपी ने 61 ईएफटी रिटर्न
की यह भारी-भरकम राशि न तो सीटीआई कार्यालय हिसार में जमा कराई और न ही यातायात लेखा
कार्यालय, जोधपुर भेजी। उसने इस सरकारी धन का व्यक्तिगत लाभ के लिए दुरुपयोग किया।
इस वित्तीय अनियमितता का खुलासा तब हुआ, जब संबंधित
शाखा के सीनियर अधिकारी द्वारा ईएफटी रिटर्न के संबंध में डेबिट मेमो जारी किए गए।
सीटीआई हिसार की रिपोर्ट और आंतरिक लेखा परीक्षा (ऑडिट) के दौरान पाया गया कि रिकॉर्ड
में दर्ज राशि और वास्तविक जमा राशि में बड़ा अंतर है। जब आरोपी द्वारा बार-बार राशि
जमा नहीं कराई गई, तो विभाग ने इसे आपराधिक गबन मानते हुए पुलिस को लिखित शिकायत दी।
इसके बाद आरोपी पर केस दर्ज किया गया।
एएसआई सुरेंद्र कुमार ने मामले की जांच शुरू
कर दी है। वे रेलवे स्टेशन हिसार जाकर घटना से जुड़े दस्तावेजों को कब्जे में लेंगे।
स्टेशन अधीक्षक प्रेमचंद और ऑडिट करने वाले अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे, ताकि
गबन की पुष्टि हो सके। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि गबन की गई ₹17 लाख 610 रूपए की
राशि कहां है और क्या इसे रिकवर किया जा सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

