हांसी : दूषित पेयजल, गंदगी व बेसहारा पशुओं से परेशान लोगों ने दिया धरना
पीने के लिए कैंपर मंगवाने को मजबूर वार्डवासी,
छतों पर बंदरों व गलियों में कुत्तों का खौफ
हांसी, 11 अक्टूबर (हि.स.)। शहर के वार्ड-एक में
सफाई व्यवस्था, दूषित पेयजल और बेसहारा पशुओं की समस्याओं से परेशान लोगों ने चार कुतुब
गेट स्थित दरगाह के सामने धरना-प्रदर्शन कर रोष जताया। वार्डवासियों ने नगर परिषद के
प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने और समस्याओं का स्थायी
समाधान करने की मांग की। लोगों का आरोप है कि गंदगी, सीवरेज की समस्या और दूषित पेयजल
आपूर्ति के कारण उनका जीना मुश्किल हो गया है। हालात ऐसे हैं कि पीने के पानी के लिए
भी कैंपर मंगवाने पड़ रहे हैं।
सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं वार्ड निवासी राजकुमार
कांगड़ा ने रविवार काे कहा कि क्षेत्र में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। गलियों में गंदगी के
साथ बेसहारा पशुओं की मौजूदगी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। उन्होंने आरोप
लगाया कि नलों में साफ पानी नहीं आ रहा और पेयजल में सीवरेज का दूषित पानी मिलने की
शिकायत भी है। इसके चलते लोगों को पीने के लिए बाहर से पानी मंगवाना पड़ रहा है। उन्होंने
मांग की कि पेयजल आपूर्ति की जांच करवाई जाए और समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
उमरा गेट निवासी चिराग ने कहा कि घरों की छतों
पर बंदरों की आवाजाही और गलियों में बेसहारा कुत्तों की मौजूदगी से लोग भयभीत रहते
हैं। बंदरों और कुत्तों के काटने की घटनाओं को लेकर भी चिंता बनी हुई है। बच्चों और
बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने नगर परिषद से बेसहारा
पशुओं पर नियंत्रण करने, नियमित सफाई करवाने और सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने की
मांग की।
समाजसेवी सन्नी इलाहाबादी ने कहा कि शहर को गंदगी
और बेसहारा पशुओं की समस्या से मुक्त करवाने के उद्देश्य से वार्ड-एक से अभियान की
शुरुआत की गई है। इसके तहत शहर के सभी 27 वार्डों में जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा
और उनकी समस्याओं को उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नागरिकों को स्वच्छ वातावरण और बुनियादी
सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। वार्ड-6 निवासी मोनू संधू ने भी
समस्याओं को उठाते हुए नगर परिषद से जल्द कार्रवाई करने की मांग की।
ढाई महीने पहले लगाया था टेंडर, जल्द होगा अलॉट
: प्रवीण इलाहाबादी
नगर परिषद अध्यक्ष प्रवीण इलाहाबादी ने बताया
कि बेसहारा पशुओं, बंदरों और कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए करीब ढाई महीने पहले
टेंडर लगाया गया था। हालांकि, टेंडर खुलने के समय नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता मौजूद
नहीं थे, जिस कारण इसे अलॉट नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि टेंडर अलॉट करने की
प्रक्रिया जल्द पूरी करवाई जाएगी, ताकि समस्या के समाधान के लिए काम शुरू किया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

