हिसार : पहले बेच चुके थे करोड़ों के मकान, फिर सीए को 5.35 करोड़ में थमा दिया सौदा

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हिसार : पहले बेच चुके थे करोड़ों के मकान, फिर सीए को 5.35 करोड़ में थमा दिया सौदा


सेक्टर-14 के दो मकानों को विवाद रहित बताकर ऐंठे 5.26 करोड़ से ज्यादा

कोर्ट के नोटिस से खुला करोड़ों का प्रॉपर्टी फर्जीवाड़ा

हिसार, 11 अगस्त (हि.स.)। शहर के सेक्टर-14 में करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी को लेकर कथित धोखाधड़ी का

बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि जिन दो मकानों का पहले ही अन्य लोगों से इकरारनामा

हो चुका था, उन्हीं मकानों को विवाद रहित बताते हुए आरोपियों ने चार्टर्ड अकाउंटेंट

हिमांशु मित्तल से 5 करोड़ 35 लाख रुपये में दोबारा सौदा कर लिया। पीड़ित ने आरोपियों

को 5.26 करोड़ रुपये से अधिक की रकम भी दे दी, लेकिन रजिस्ट्री की बारी आई तो आरोपी

टालमटोल करने लगे। बाद में कोर्ट से मिले नोटिस ने कथित फर्जीवाड़े की पूरी परत खोल

दी।

मामले के अनुसार मई 2025 में आजाद सिंह, अजीत सिंह और उसकी पत्नी ज्योति ने

हिमांशु मित्तल से संपर्क किया। आरोपियों ने सेक्टर-14 पार्ट-2 स्थित मकान नंबर

3162 और 3163 बेचने की पेशकश की। पीड़ित को बताया गया कि दोनों मकानों पर कोई विवाद

या कानूनी अड़चन नहीं है और केवल करीब दो करोड़ रुपये का बैंक लोन बकाया है।

28 मई 2025 को दोनों मकानों का सौदा 5.35 करोड़ रुपये में तय हुआ। इसके बाद

जुलाई 2025 तक एडवांस और बैंक लोन चुकाने के नाम पर पीड़ित ने आरोपियों के खातों में

5.26 करोड़ रुपये से अधिक ट्रांसफर कर दिए। मकानों का कब्जा और चाबियां भी मिलने के

बाद जब रजिस्ट्री के लिए दबाव बनाया गया तो आरोपी कथित तौर पर बहाने बनाने लगे।

रजिस्ट्री नहीं होने पर हिमांशु मित्तल ने कोर्ट में मामला दायर किया। इसी

दौरान उन्हें मिले कोर्ट नोटिस से पता चला कि दोनों मकानों का 10 सितंबर 2024 को ही

अर्बन एस्टेट निवासी सुरेंदर और अनिल कुमार के साथ इकरारनामा किया जा चुका था। इतना

ही नहीं, उनसे 50 लाख रुपये एडवांस भी लिया जा चुका था। इसके बावजूद आरोपियों ने कथित तौर पर इन तथ्यों को छिपाकर हिमांशु मित्तल के

साथ दोबारा इकरारनामा किया और करोड़ों रुपये हासिल कर लिए। मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा की प्रभारी निरीक्षक निर्मला ने की। जांच

में आरोपों के आधार पर थाना शहर पुलिस ने आजाद सिंह, अजीत सिंह और ज्योति के खिलाफ

भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस मामले में आरोपियों

की भूमिका, लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

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