हिसार : कृषि में तकनीकी नवाचार व मशीनीकरण को बढ़ावा देना समय की मांग : प्रो. बीआर कम्बोज
हकृवि में इंजीनियर्स-डे पर युवा इंजीनियरों से किसान हित में तकनीकी समाधान
का किया आह्वान
हिसार, 16 सितंबर (हि.स.)। कृषि को आधुनिक, समृद्ध एवं टिकाऊ बनाने में कृषि
इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कृषि उत्पादन बढ़ाने, समय एवं श्रम की
बचत तथा किसानों की आय में वृद्धि के लिए कृषि मशीनीकरण और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा
देना समय की आवश्यकता है।
यह बात हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने बुधवार काे मौलिक विज्ञान
एवं मानविकी महाविद्यालय में आयोजित इंजीनियर्स-डे समारोह को संबोधित करते हुए कही।
कार्यक्रम का आयोजन कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय द्वारा महान अभियंता
एवं भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया की जयंती के उपलक्ष्य में किया गया। प्रो. कम्बोज
ने कहा कि आधुनिक कृषि में इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी का महत्व लगातार बढ़ रहा है।
जलवायु परिवर्तन, जल एवं प्राकृतिक संसाधनों का कुशल उपयोग, खाद्यान्नों का सुरक्षित
भंडारण तथा कृषि कार्यों को समय पर पूरा करना कृषि क्षेत्र के समक्ष प्रमुख चुनौतियां
हैं। इन चुनौतियों का समाधान खोजने में कृषि इंजीनियरों, विशेषकर युवा इंजीनियरों की
महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि छोटे एवं सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति को
मजबूत करने के लिए ऐसे कृषि उपकरणों एवं तकनीकों का विकास आवश्यक है, जो किसानों की
वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप हों। कृषि इंजीनियरों को जुताई एवं बिजाई से लेकर फसल
कटाई, प्रसंस्करण एवं ढुलाई तक कृषि कार्यों को आसान, समयबद्ध और कम लागत वाला बनाने
पर ध्यान देना चाहिए।
कुलपति ने कहा कि कृषि इंजीनियरों ने कृषि मशीनीकरण, मृदा एवं जल संरक्षण,
कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन, ऊर्जा प्रबंधन तथा कृषि उत्पादन बढ़ाने
में उल्लेखनीय योगदान दिया है। भविष्य में स्मार्ट कृषि, सटीक कृषि, संसाधनों के कुशल
उपयोग और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में इंजीनियरिंग तकनीकों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण
होगी। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने विषय में विशेषज्ञता हासिल
करने के साथ-साथ बदलती तकनीक के अनुरूप स्वयं को निरंतर अपडेट रखें तथा किसानों की
समस्याओं के व्यावहारिक एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल समाधान विकसित करने में
योगदान दें।
कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय कुमार
वशिष्ठ ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि भारत रत्न से सम्मानित
सर एम. विश्वेश्वरैया महान सिविल इंजीनियर, कुशल प्रशासक, शिक्षाविद् एवं समाजसेवी
थे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। मंच का संचालन
आशुतोष व भूमिका ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी महाविद्यालयों के अधिष्ठाता,
निदेशक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने जीते पुरस्कार
विश्वविद्यालय में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक
भाग लेते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में प्रतिज्ञा ने
प्रथम तथा तमन्ना ने द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। विजुअल रिएक्शन प्रतियोगिता में
प्रतिज्ञा ने प्रथम, तरुण ने द्वितीय तथा यशस्वी ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। क्विज
प्रतियोगिता में टीम डी ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया जिसमें दिव्या, पायल, हंसराज
तथा कुसुम शामिल रहे। टीम सी ने द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया, जिसमें यशस्वी, वंचित,
तमन्ना तथा आशुतोष शामिल रहे। रंगोली मेकिंग
प्रतियोगिता में टीम छ: ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया जिसमें लता, कार्तिकेय तथा अनमोल
शामिल रहे। टीम पांच ने द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया, जिसमें अदिति, पायल
और आशुतोष शामिल रहे। टीम सात ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया, जिसमें सृष्टि, निशा
और हिमांशु, शामिल रहे। ‘आई एम ए फार्मर’ प्रतियोगिता में सुरभि ने प्रथम, भूमिका ने द्वितीय तथा
रितेश ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

