जींद : जिले के सरकारी स्कूलों में गूंजी अपनी बोली
जींद, 21 फ़रवरी (हि.स.)। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देशानुसार जिले के सभी 423 प्राथमिक विद्यालयों में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस शनिवार को बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालयों में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिनका उद्देश्य भाषाई विविधता और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना तथा बच्चों को उनकी मातृभाषा में सीखने के महत्व से जोडऩा रहा।
जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने बताया कि मातृभाषा में शिक्षा ग्रहण करने से बच्चों के शैक्षिक परिणामों में गुणात्मक सुधार होता है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में भाषा के प्रति सम्मान, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया । कार्यक्रम की शुरुआत सभी विद्यालयों में सुबह की प्रार्थना सभा से हुई, जहां शिक्षकों ने विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के महत्व के बारे में बताया। इसके बाद बाल वाटिका से लेकर कक्षा तीसरी तक के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न रोचक और शिक्षाप्रद गतिविधियां आयोजित की गईं। बाल वाटिका से कक्षा दूसरी तक के बच्चों ने अपनी मातृभाषा में परिचय दिया, चित्रों का वर्णन किया और लोकगीत व कविताएं प्रस्तुत की। कई बच्चों ने घर पर सुनी दादी-नानी की कहानियां और लोककथाएं अपनी भाषा में सुनाई, जिससे उनके बोलने, सोचने और अभिव्यक्ति के कौशल का विकास हुआ। कक्षा तीसरी के विद्यार्थियों ने अभिनय के माध्यम से दैनिक जीवन की परिस्थितियों जैसे घर, स्कूल और बाजार के दृश्यों पर अपनी मातृभाषा में संवाद प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों ने न केवल बच्चों की भाषा दक्षता को निखारा बल्कि उनमें आत्मविश्वास और रचनात्मकता का भी संचार किया। राजेश वशिष्ठ ने बताया कि इस बार कार्यक्रम को सामुदायिक उत्सव का रूप देने के लिए स्कूल प्रबंधन समितियों, अभिभावकों और दादा-दादी को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। अभिभावकों और समुदाय के बुजुर्गों ने बच्चों को अपनी मातृभाषा में कहानियां सुनाई, जिससे विद्यालयों में पारिवारिक और सांस्कृतिक जुड़ाव का वातावरण बना। सभी विद्यालय मुखियों और प्रत्येक कक्षा के शिक्षकों ने विभागीय निर्देशानुसार कम से कम दो गतिविधियां आयोजित कीं, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि हर बच्चे को भागीदारी का अवसर मिले।
हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

