हिसार : प्रिंटिंग उद्योग को मिलेंगे कुशल युवा, गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय व एआईएफएमपी में एमओयू
तकनीकी प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, औद्योगिक भ्रमण
व संयुक्त शोध से विद्यार्थियों को मिलेंगे रोजगार व उद्यमिता के नए अवसर
हिसार, 24 अगस्त (हि.स.)। यहां के गुरु जम्भेश्वर
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय व ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ मास्टर प्रिंटर्स
(एआईएफएमपी), नई दिल्ली के बीच प्रिंटिंग क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण, शोध और कौशल
विकास को बढ़ावा देने के लिए एमओयू हुआ है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम
बिश्नोई और एआईएफएमपी के अध्यक्ष सी. रविंद्र रेड्डी ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस
साझेदारी से विद्यार्थियों को प्रिंटिंग उद्योग की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण
और औद्योगिक अनुभव मिलने के साथ कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने साेमवार काे कहा कि तेजी
से बदलती तकनीक के दौर में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखना पर्याप्त
नहीं है। उद्योग की वास्तविक जरूरतों से उन्हें जोड़ना जरूरी है। एआईएफएमपी के साथ
यह समझौता विश्वविद्यालय और उद्योग के बीच की दूरी कम करेगा तथा विद्यार्थियों को रोजगार
और उद्यमिता के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाएगा।
विश्वविद्यालय के तकनीकी सलाहकार प्रशासनिक प्रो.
विनोद छोकर ने कहा कि एमओयू से प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी विभाग को उद्योग के विशेषज्ञों
और प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने का अवसर मिलेगा। इससे शिक्षा,
प्रशिक्षण, शोध और नवाचार से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार होगा।
एमओयू के तहत विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए
तकनीकी प्रशिक्षण, कार्यशालाएं, सेमिनार, इंटर्नशिप, औद्योगिक भ्रमण और उद्योग विशेषज्ञों
के साथ संवाद आयोजित किए जाएंगे। प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में संयुक्त शोध,
नवाचार और ज्ञान के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
डीन इंटरनेशनल अफेयर्स प्रो. ओम प्रकाश सांगवान
ने कहा कि यह साझेदारी विद्यार्थियों और शोधार्थियों को प्रिंटिंग एवं कम्युनिकेशन
टेक्नोलॉजी की नवीनतम तकनीकों और औद्योगिक अनुभव से जोड़ने में सहायक होगी। इससे कौशल
विकास, संयुक्त शोध और उद्योग-अकादमिक संबंधों को नई दिशा मिलेगी।
एआईएफएमपी के अध्यक्ष सी. रविंद्र रेड्डी ने कहा
कि प्रिंटिंग उद्योग में तकनीक तेजी से बदल रही है। ऐसे में उद्योग की जरूरत के मुताबिक
कुशल युवाओं को तैयार करना जरूरी है। एआईएफएमपी शिक्षा, प्रशिक्षण और तकनीकी ज्ञान
के माध्यम से इस दिशा में लगातार काम कर रहा है।
एआईएफएमपी के चेयरमैन-एजुकेशन एंड ट्रेनिंग हरजिंद्र
सिंह ने कहा कि साझेदारी के तहत विद्यार्थियों को आधुनिक प्रिंटिंग तकनीकों और उद्योग
की नवीनतम कार्यप्रणाली से परिचित करवाया जाएगा। इस अवसर पर एआईएफएमपी के पदाधिकारियों
के अलावा विश्वविद्यालय के तकनीकी सलाहकार एचआरएम प्रो. संदीप राणा, डीन प्रो. एचसी
गर्ग, प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. वंदना, डॉ. बिजेंद्र कौशिक, डॉ. पंकज
कुमार, डॉ. संजीव कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

