यमुनानगर:एचईआरसी की जनसुनवाई में बिजली चोरी पर सख्त संदेश, पारदर्शी टैरिफ व्यवस्था पर बल

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यमुनानगर:एचईआरसी की जनसुनवाई में बिजली चोरी पर सख्त संदेश, पारदर्शी टैरिफ व्यवस्था पर बल


यमुनानगर, 03 मार्च (हि.स.)। यमुनानगर में हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की वार्षिक राजस्व आवश्यकता याचिका पर जनसुनवाई आयोजित की गई। आयोग के अध्यक्ष नन्द लाल शर्मा ने कार्रवाई की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट कहा कि बिजली चोरी राष्ट्रीय संसाधनों की क्षति है और इसका प्रतिकूल प्रभाव सीधे ईमानदार उपभोक्ताओं पर पड़ता है। उनके द्वारा ऊर्जा के जिम्मेदार उपयोग और अवैध कनेक्शनों पर रोक के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता रेखांकित की गई।

अध्यक्ष ने मंगलवार काे कृषि उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सब्सिडी पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका पूरा वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है और अन्य उपभोक्ता वर्गों पर इसका अतिरिक्त भार नहीं डाला जाता। उन्होंने विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 65 का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य सरकार को विधिक रूप से उपभोक्ता श्रेणियों को सब्सिडी देने का अधिकार प्राप्त है। टैरिफ निर्धारण प्रक्रिया को पारदर्शी और सहभागी बताते हुए आयोग ने कहा कि विभिन्न शहरों में आयोजित जनसुनवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं के सुझावों को अंतिम निर्णय में समाहित करना है। अध्यक्ष ने निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि उठाए गए प्रत्येक प्रश्न का तथ्यपरक और समयबद्ध उत्तर दिया जाए। निगम के निदेशक अनिल कुमार यादव द्वारा ऊर्जा खरीद, परिचालन व्यय, ऋण दायित्व, पूंजीगत निवेश और प्रस्तावित योजनाओं से संबंधित बिंदुओं पर प्रस्तुति दी गई। बैठक में अल्पकालिक बिजली खरीद, पावर एक्सचेंज के माध्यम से क्रय, भूमिगत केबलिंग परियोजनाएं, उद्योग एवं कृषि के लिए पीक लोड प्रबंधन, सौर ऊर्जा विस्तार, तकनीकी और वाणिज्यिक हानियों में कमी की पांच वर्षीय रणनीति तथा मध्यम अवधि के विद्युत क्रय समझौतों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। आयोग के सदस्य मुकेश गर्ग ने घरेलू उपभोक्ताओं की बिलिंग त्रुटियों के शीघ्र निवारण पर जोर दिया, जबकि सदस्य शिव कुमार ने औद्योगिक उपभोक्ताओं के सुझावों को रचनात्मक बताया।

निगम के अनुसार एटीएंडसी हानि 9.12 प्रतिशत है। शहरी और ग्रामीण फीडरों में हानि नियंत्रण के लिए लक्षित कदम उठाए जा रहे हैं। निगम ने शत-प्रतिशत बिल वसूली दक्षता का दावा भी किया। आयोग अब सभी अभ्यावेदनों की समीक्षा के बाद आगामी वित्त वर्ष के लिए विस्तृत टैरिफ आदेश जारी करेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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