सिरसा: एआई वॉयस क्लोनिंग बनी साइबर ठगों का नया हथियार: एसपी

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सिरसा: एआई वॉयस क्लोनिंग बनी साइबर ठगों का नया हथियार: एसपी


सिरसा, 27 सितंबर (हि.स.)। सिरसा के एसपी दीपक सहारण ने साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए रविवार को कहा कि साइबर ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए नए तरीके अपना रहे हैं। अब ठगी के लिए एआई वॉयस क्लोनिंग का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

इसमें साइबर अपराधी किसी व्यक्ति की आवाज की हूबहू नकल तैयार कर उसके रिश्तेदार, दोस्त या परिचित बनकर फोन कर सकते हैं। फोन पर किसी परेशानी का हवाला देकर तत्काल पैसों की जरूरत बताकर ठगी का प्रयास किया जा सकता है। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने आमजन को सावधान करते हुए कहा कि यदि किसी परिचित या रिश्तेदार की आवाज में फोन आए और वह अचानक पैसों की मदद मांगे तो जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं। पहले संबंधित व्यक्ति से किसी दूसरे नंबर पर संपर्क कर बात की पुष्टि करें। खासकर यदि फोन करने वाला तुरंत पैसे भेजने का दबाव बनाए तो अतिरिक्त सतर्कता बरतें।

एसपी ने कहा कि आज के समय में तकनीक के जरिए आवाज की नकल तैयार करना संभव है। इसलिए केवल आवाज पहचानकर किसी व्यक्ति की पहचान पर भरोसा करना सुरक्षित नहीं है। फोन पर बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी भी किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या मैसेजिंग एप के जरिए भेजे गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर करने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma

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