सिरसा: एआई से आवाज बदलकर साइबर ठग सक्रिय, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

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सिरसा: एआई से आवाज बदलकर साइबर ठग सक्रिय, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी


सिरसा, 12 जुलाई (हि.स.)। साइबर अपराधी ठगी के लिए नए-नए तरकीब निकाल रहे हैं। पहले ओटीपी और फर्जी लिंक का खेल चलता था, अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से लोगों के रिश्तेदार, दोस्त और जान-पहचान वालों की आवाज तक कॉपी कर फोन किए जा रहे हैं और लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने के एडवाइजरी जारी की है।

सिरसा के एसपी दीपक सहारण ने रविवार को बताया कि अगर कोई परिचित बनकर अचानक फोन करे और इमरजेंसी का हवाला देकर पैसे मांगे तो बिना पुष्टि किए एक भी रुपया न भेजें। साइबर अपराधी सोशल मीडिया पर डाली गई ऑडियो और वीडियो क्लिप का इस्तेमाल कर एआई तकनीक से किसी भी व्यक्ति की हूबहू आवाज तैयार कर लेते हैं। इसके बाद वे उसी आवाज में परिवार के सदस्य, रिश्तेदार या दोस्त बनकर फोन करते हैं और किसी हादसे, बीमारी या अन्य आपात स्थिति का बहाना बनाकर तुरंत पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाते हैं।

कई बार आवाज इतनी असली लगती है कि लोग बिना दोबारा जांच किए ही ठगी का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह का कोई फोन आए तो घबराने की बजाय समझदारी से काम लें। संबंधित व्यक्ति के दूसरे मोबाइल नंबर पर संपर्क करें या वीडियो कॉल कर उसकी पहचान की पुष्टि जरूर करें। यदि संपर्क न हो पाए तो परिवार के अन्य सदस्यों से बात कर स्थिति साफ करें। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो समय गंवाए बिना तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन पर कॉल करें और केंद्र सरकार के साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma

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