फतेहाबाद: किसानों के दिल्ली कूच को लेकर अलर्ट मोड में पुलिस, मोबाइल इंटरनेट भी बंद

फतेहाबाद: किसानों के दिल्ली कूच को लेकर अलर्ट मोड में पुलिस, मोबाइल इंटरनेट भी बंद
फतेहाबाद: किसानों के दिल्ली कूच को लेकर अलर्ट मोड में पुलिस, मोबाइल इंटरनेट भी बंद


फतेहाबाद: किसानों के दिल्ली कूच को लेकर अलर्ट मोड में पुलिस, मोबाइल इंटरनेट भी बंद


फतेहाबाद: किसानों के दिल्ली कूच को लेकर अलर्ट मोड में पुलिस, मोबाइल इंटरनेट भी बंद


पंजाब के किसान को जिले में घुसने से रोकने के लिए सडक़ पर गाड़ दिए नुकीले कील

फतेहाबाद, 11 फरवरी (हि.स.)। किसानों द्वारा 13 फरवरी को दिल्ली कूच के ऐलान के चलते पंजाब सीमा से सटे जिले के जाखल क्षेत्र में पुलिस अलर्ट मोड पर है। पंजाब के किसानों को हरियाणा में घुसने से रोकने के लिए यहां पुलिस द्वारा पूरी तैयारी की गई है। प्रशासन खासकर हरियाणा-पंजाब के मार्गों पर पैनी नजर रखे हुए है। जहां पुलिस का विशेष फोकस जाखल थाना के अंतर्गत म्योंद पुलिस चौकी स्थल पर हैं। इस स्थान के साथ ही पंजाब के कई गांव लगते हैं। ऐसे में प्रशासन ने यहां खूंटा गाढ़ दिया है।

म्योंद भाखड़ा पुल पर पुलिस द्वारा सीमेंट के बड़े-बड़े पिलर्स को क्रेन की मदद से उठाकर सडक़ों के बीचोंबीच रख दिया गया है। मजबूत बेरिकेडिंग के लिए इन पिलर्स के साथ मिट्टी के थैले भर लगाए गए हैं, जिससे किसानों के ट्रैक्टर और अन्य वाहन सडक़ों को पार ना कर सकें। यहीं नहीं, किसान दिल्ली कूच के दौरान जबरदस्ती भी फतेहाबाद जिले में ना घुस सकें, इसके लिए कुलां-जाखल मुख्य मार्ग पर भाखड़ा पुल के समीप सडक़ में नुकीले कीलें तक गाढ़ दी है। जाखल पंजाब सीमा से सटा होने की वजह से यहां पुलिस की खास निगाह बनी हुई हैं। किसानों को रोकने के लिए पुलिस की तरफ से पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। सीआरपीएफ के जवानों के साथ-साथ भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है।

संयुक्त किसान मोर्चा नहीं लेगा दिल्ली कूच में भाग

संयुक्त किसान मोर्चा जिला फतेहाबाद के संयोजक जगतार सिंह ने बताया कि वह 13 फरवरी को दिल्ली कूच में शामिल नहीं होंगे, जबकि वह संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 16 फरवरी को किए जा रहे भारत बंद में हिस्सा लेंगे। भारत बंद के दौरान किसान एमएसपी कानून बनाने के साथ-साथ किसानों की पेंशन को लेकर संघर्ष करते रहेंगे। फतेहाबाद पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी निगरानी कर रही है, ताकि कोई गलत पोस्ट से जिले का माहौल खराब ना हो। इसके अलावा पुलिस किसान नेताओं पर भी नजर रखे हुए हैं। इस बारे में जब पुलिस अधिकारियों से बात करनी चाही तो उन्होंने इस विषय पर मीडिया को कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।

हिन्दुस्थान समाचार/अर्जुन/संजीव

हमारे टेलीग्राम ग्रुप को ज्‍वाइन करने के लि‍ये  यहां क्‍लि‍क करें, साथ ही लेटेस्‍ट हि‍न्‍दी खबर और वाराणसी से जुड़ी जानकारी के लि‍ये हमारा ऐप डाउनलोड करने के लि‍ये  यहां क्लिक करें।

Share this story