जींद : खनौरी- दाता सिंह वाला बार्डर पर पंजाब के किसानों ने टैंट लगाकर शुरू किया धरना

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जींद : खनौरी- दाता सिंह वाला बार्डर पर पंजाब के किसानों ने टैंट लगाकर शुरू किया धरना


हरियाणा के किसानों ने किया धरने का समर्थन

जींद, 17 अगस्त (हि.स.)। संयुक्त किसान मोर्चा के दिल्ली कूच को लेकर दूसरे दिन सोमवार को खनौरी-दाता सिंह वाला बॉर्डर पर शांति रही। बावजूद इसके किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए सील किए दातासिंह वाला बार्डर पर पुलिस बल अर्लट पर रहा। पंजाब की तरफ हलचलों पर भी नजर रखी जाती रही। पंजाब की तरफ धरना दे रहे किसानों के पास संगरूर की एसएसपी डा. रवजोत कौर ग्रेवाल व अन्य अधिकारी भी पहुंचे थे। उन्होंने धरना दे रहे किसानों से बातचीत की। पुलिस ने गत दिवस जिन किसानों को डिटेन किया था, उन्हें भी छोड़ दिया गया।

हरियााणा के कुछ किसान नेता भी धरने में शामिल हुए। पुलिस द्वारा बॉर्डर पार की गतिविधियों पर लगातार निगरानी की जा रही है। जींद के एसपी कुलदीप सिंह बॉर्डर पर पुलिस बल के साथ बने रहे। वहीं किसान नेता डल्लेवाल का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण पैदल यात्रा है न कि व्यवस्था को डिस्टर्ब करना है। बॉर्डर सील होने के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही।

पंजाब की तरफ दिल्ली कूच के किसानों ने हाईवे पर टंैट लगा कर धरना शुरू कर दिया है। सोमवार को दलजीत सिंह डल्लेवाल समेत दर्जनभर संगठनों के किसान नेता धरने पर मौजूद रहे। मांगों को लेकर मंथन भी हुआ। बीच-बीच में एकजुटता के नारे भी लगते रहे। हालांकि किसानों की भीड़ भी बॉर्डर पार ज्यादा नही हो पाई है। किसान नेताओं का कहना था कि सरकार के सामने उनकी मांगे पहुंच चुकी हैं।

हरियाणा सरकार उन्हें एंट्री नही करने दे रही है। अब उन्हें शातिपूर्ण कूच की अनुमति देती है या नही, इसका इंतजार है। जिसके बाद कोई आगामी रणनीति बनाई जाएगा। किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने कहा कि किसानों की यह शांतिपूर्वक पैदल यात्रा है। किसानों उद्देश्य किसी को डिस्टर्ब करना नहीं है। किसानों की बातें और मांगें ऊपर तक पहुंचाओ। उन्होंने किसानों की मांगे बता दी हैं। उन्होंने कहा कि हमारी मुख्य मांग भारत-अमेरिका ट्रेड डील को रद्द किया जाए और एमएसपी गारंटी कानून दिया जाए, स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू की जाए। पिछले आंदोलन के दौरान हमारी केंद्रीय कृषि मंत्री से बातचीत हो रही थी। उन्होंने कहा कि जहां से बातचीत टूटी थी, वहीं से दोबारा शुरू करवाई जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

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