जींद : नागरिक अस्पताल में पेट दर्द के उपचार के लिए लाए दस वर्षीय बच्चे की मौत

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जींद : नागरिक अस्पताल में पेट दर्द के उपचार के लिए लाए दस वर्षीय बच्चे की मौत


जींद, 17 अगस्त (हि.स.)। नागरिक अस्पताल में सोमवार को पेट दर्द के उपचार के लिए लाए दस वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। जिस पर परिजन बिफर गए और चिकित्सकों पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए इमरजेंसी के बाहर रोष जताया। परिजनों के लामबंद होने पर पीएमओ डा. रघुवीर पूनिया व सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। फिलहाल परिजनों ने शिकायत नही दी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

गांव बनियाखेड़ा निवासी प्रसन्न अपने दस वर्षीय बेटे दीपांशु को पेट दर्द होने के चलते उपचार के लिए नागरिक अस्पताल के इमरजेेंसी वार्ड में लेकर आए थे। चिकित्सकों द्वारा बच्चे का उपचार शुरू किया। कुछ हद तक बच्चे के पडऩे वाले दौरे पर भी काबू पा लिया था। इससे पहले ही बच्चे की गंभीर हालत देख बच्चे को पीजीआई रेफर किया जाता उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उपचार के दौरान ही उसकी मौत हो गई। जिस पर परिजनों ने रोष जताना शुरू कर दिया। बच्चे की मौत पर परिजन बिफर गए और इमरजेंसी वार्ड के बाहर हंगामा करने लगे। परिजनों का कहना था कि उनके बच्चे को सही से उपचार नही दिया गया। जिसके चलते उनके बच्चे की मौत हो गई। अगर चिकित्सक उनके बेटे का उपचार अच्छे से करते तो उनके बेटे की मौत नही होती।

पीएमओ डा. रघुवीर पूनिया ने बताया कि मौत के कारण को लेकर कहा कि देखने से लगता है कि बच्चे की अचानक मौत (सडन डेथ) के कई कारण हो सकते हैं। असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही बताएगी। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मामले की आगे की स्थिति साफ होगी। उपचार के दौरान बच्चे की हालत में उतार-चढ़ाव रहा, बीच में नियंत्रण भी हुआ लेकिन बाद में अचानक हालत बिगड़ गई। इमरजेंसी के डॉक्टरों से बात की गई है, जिन्होंने बताया कि बच्चे की हालत एकदम गिर गई थी। बच्चे को बचाने के लिए पूरी कोशिश की गई। परिजनों से उनकी बात हुई है। परिजनों ने आरोप लगाए हैं लेकिन कोई रिटर्न में शिकायत नही दी है। कागजी कार्यवाही पूरी होते ही तुरंत पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

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