वन महोत्सव में हरियाली का संकल्प, 70 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य

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वन महोत्सव में हरियाली का संकल्प, 70 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य


डॉ. अरविंद शर्मा बोले- पौधा लगाना ही नहीं, पेड़ बनने तक उसकी देखभाल करना भी जरूरी

रोहतक, 07 अगस्त (हि.स.)। वन महोत्सव के अवसर पर जलेबी चौक में आयोजित कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता और पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने पौधरोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों से पर्यावरण संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। वन महोत्सव के तहत 70 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। जलेबी चौक पर प्रशासन और एनएचएआई के सहयोग से 14 हजार पौधे मियावाकी मॉडल के तहत लगाए गए।

डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि वन महोत्सव केवल पौधे लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य का संकल्प है। पेड़ हमें ऑक्सीजन देने के साथ जल संरक्षण, तापमान नियंत्रण और पर्यावरण संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना शुरुआत है, असली जिम्मेदारी उसकी देखभाल करना है। प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाकर उसे पेड़ बनने तक संरक्षित करने का संकल्प लेना चाहिए।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने कहा कि पेड़-पौधे केवल हरियाली का माध्यम नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने का आधार हैं। आज बढ़ता तापमान और बदलता पर्यावरण हम सभी के लिए चिंता का विषय है। ऐसे में अधिक से अधिक पौधे लगाना और उनकी देखभाल करना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखना चाहिए। समाज के हर वर्ग, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को इससे जोड़कर इसे जनभागीदारी का अभियान बनाया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पौधा लगाने के साथ उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी लें।

पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक विभाग या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ जल संरक्षण और प्लास्टिक के कम इस्तेमाल जैसे प्रयासों को भी दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना होगा। बच्चों और युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करके आने वाली पीढ़ी को प्रकृति के करीब लाया जा सकता है। ग्रोवर ने कहा कि वन महोत्सव जैसे कार्यक्रम तभी सफल होंगे, जब लगाए गए पौधे सुरक्षित रहकर बड़े पेड़ों का रूप लें।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल

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