प्रदेश के 1032 स्कूलों को स्थाई मान्यता प्रदान करे सरकार

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चंडीगढ़, 06 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा में प्राइवेट स्कूल संघ ने एक हजार से अधिक निजी स्कूलों को स्थाई मान्यता प्रदान करने का मुद्दा दोबारा उठा दिया है। प्रदेश में 1032 स्कूलों को सालाना एक्सटेंशन दी जाती है। यह अस्थाई एवं परमिशन प्राप्त स्कूल लंबे समय स्थाई मान्यता की मांग कर रहे हैं।

प्राईवेट स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने रविवार को जारी जानकारी में कहा कि भाजपा ने वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र की शिक्षा प्रणाली के कॉलम 8 में सत्ता में आने पर अस्थाई स्कूलों की समस्या का स्थायी समाधान करने का वायदा किया था लेकिन 12 वर्ष बीत जाने के बाद भी समस्या ज्यों की त्यों है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर इन स्कूलों को स्थायी करने के लिए ओर कितने वर्षों का इंतजार करना पड़ेगा। यह मामला केवल 1032 स्कूलों का नहीं है बल्कि इन स्कूलों में पढ़ रहे लाखो बच्चों की शिक्षा तथा हजारो शिक्षकों एवं कर्मचारियों का रोजगार सीधे तौर पर इनसे जुड़ा है। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों के सामने मुख्य समस्या जमीन की शर्त पूरी न करना है। क्योंकि स्कूलों के आस पास अब आबादी बस चुकी है,जिससे जमीन संबंधी नियम पूरा करना व्यावहारिक रूप से मुश्किल है। सरकार को अब केवल आश्वासन नहीं,बल्कि 1032 स्कूलों के स्थाई समाधान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

कुंडू ने कहा कि केवल एग्जिस्टिंग सूची में शामिल एवं एमआईएस पोर्टल पर पंजीकृत अमान्यता स्कूलों को आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के अपेंडिक्स एक में निर्धारित मानको के अनुसार मान्यता देने का प्रावधान किया जाए इससे वर्षों से चली आ रही असमंजस की स्थिति समाप्त होगी और बच्चों,अभिभावकों तथा शिक्षकों को स्थिरता मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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