पंचकूला में ट्रैफिक सिस्टम : न कैमरा-न चालान, सडक़ों पर मनमानी

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चंडीगढ़, 22 अप्रैल (हि.स.)। प्रदेश की राजधानी चंडीगढ़ से सटे पंचकूला में ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह चरमराया हुआ है। सीसीटीवी कैमरे बंद हैं तो सडक़ों पर यातायात व्यवस्था बिगड़ रही है। लिहाजा, सिटी में बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने स्वत:संज्ञान लिया है।आयोग ने सीसीटीवी कैमरों के ठप होने को नागरिकों की सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा मामला मानते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। नगर निगम पंचकूला द्वारा सिटी में 473 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन इनमें से महज आधे से कम कैमरे ही निगरानी कर रहे हें। तकरीबन 273 कैमरे बंद पड़े हैं और 200 कैमरे संचालित हैं।

ट्रैफिक पुलिस द्वारा समय-समय पर मरम्मत एवं रख-रखाव हेतु उठाई गई चिंताओं के बावजूद यह समस्या बनी हुई है, जो प्रशासनिक कार्रवाई में विलंब को दर्शाती है। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा, सदस्य कुलदीप जैन और दीप भाटिया ने स्पष्ट किया कि इतनी बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे का न चलना केवल यातायात प्रबंधन के लिए ही नहीं बल्कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सार्वजनिक स्थलों की निगरानी, अपराधियों की पहचान एवं घटनाओं जैसे चोरी, झपटमारी आदि घटनाओं को बढ़ावा दे रहा है।

हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने यह भी मानता है कि कार्यशील निगरानी प्रणाली (सीसीटीवी कैमरों) के अभाव में कानून का उल्लंघन करने वालों में भय कम हो जाता है, जिससे वे बिना किसी आशंका के नियमों का उल्लंघन कर सकते हैं। आयोग के असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि मामले की सुनवाई 20 मई को होगी।

आयोग ने इन बिंदुओं पर मांगी रिपोर्ट

आयोग के जस्टिस ललित बत्रा ने पंचकूला नगर निगम और पुलिस आयुक्त से रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने नगर निगम से ब्योरा मांगा है कि स्थापित सीसीटीवी कैमरों की कुल संख्या तथा स्थान-वार विवरण, वर्तमान में कार्यशील एवं गैर-कार्यशील कैमरों की संख्या, गैर-कार्यशील होने के कारण, मरम्मत, प्रतिस्थापन अथवा उन्नयन हेतु अब तक उठाए गए कदम, सभी गैर-कार्यशील कैमरों को पुन: चालू करने की निश्चित समय-सीमा, इस लापरवाही के लिए जिम्मेदारी निर्धारित की गई है या नहीं, तथा दोषी अधिकारियों/एजेंसियों के विरुद्ध की गई/प्रस्तावित कार्रवाई।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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