पलवल : बुजुर्गों को साइबर ठगी से बचाव के गुर सिखाए, डिजिटल साक्षरता पर दिया जोर

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पलवल : बुजुर्गों को साइबर ठगी से बचाव के गुर सिखाए, डिजिटल साक्षरता पर दिया जोर


पलवल, 20 मार्च (हि.स.)। बुजुर्गों को साइबर ठगी से बचाने और डिजिटल साक्षरता बढ़ाने के उद्देश्य से श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय पलवल (एसवीएसयू) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डिफेंस के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों के सरपंचों और वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया।

इंडस्ट्री रिलेशन्स एंड एलुमनी अफेयर्स (इरा) विभाग के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में दुधौला गांव के सरपंच सुनील कुमार सहित कई ग्रामीण प्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। डीन प्रो. सुचित्रा वशिष्ठ, उप कुलसचिव डॉ. ललित शर्मा और डॉ. राजेश चौहान ने अतिथियों का स्वागत किया। इरा की निदेशक चंचल भारद्वाज ने शुक्रवार को कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साइबर ठग बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को आसानी से निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाकर ठगी की घटनाओं को रोका जा सकता है।

मानव रचना विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरविंद डांगी ने विशेषज्ञ के रूप में साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। एनआईआईटी के प्रतिनिधियों कार्तिक और प्रथम ने डिजिटल अरेस्ट जैसी धोखाधड़ी के तरीकों के बारे में जानकारी दी और बताया कि कोई भी व्यक्ति इस प्रकार किसी को डिजिटल रूप से गिरफ्तार नहीं कर सकता।

पलवल साइबर क्राइम सेल के इंचार्ज विनोद भाटी ने भी साइबर अपराध से बचने के उपाय बताए। वहीं विद्यार्थियों ने डिजिटल साक्षरता पर नाटिका प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया, जिसके लिए उन्हें तीन हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई।

कार्यक्रम के दौरान एनएसएस वॉलंटियर्स ने वरिष्ठ नागरिकों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया। अतिथियों ने विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भ्रमण भी किया और विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों की जानकारी ली।

इस मौके पर आलापुर के पार्षद मोहन लाल, गंगा राम शास्त्री, आमरू गांव के सरपंच जिले सिंह, भीखू का नंगला के सरपंच केहर सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विश्वविद्यालय के अधिकारियों और स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / गुरुदत्त गर्ग

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