पलवल : ड्रोन की कमान संभाल शालू रानी ने दिखाई आत्मनिर्भरता की राह
पलवल, 30 सितंबर (हि.स.)। सेवा संकल्प अभियान के तहत लाभार्थियों के जीवन में आए बदलाव की कहानियां साझा की जा रही हैं। इसी कड़ी में शालू रानी की कहानी सामने आई है, जिन्होंने नमो ड्रोन दीदी के रूप में कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को अपनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है। ड्रोन के माध्यम से वह खेतों में दवाइयों एवं अन्य कृषि उपयोगी सामग्री के छिड़काव में किसानों की मदद कर रही हैं।
शालू रानी ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में नमो ड्रोन दीदी योजना से नई संभावनाएं खुली हैं। उन्हें ड्रोन उपलब्ध कराया गया, जिसके माध्यम से कृषि कार्यों में आधुनिक तकनीक का उपयोग करने का अवसर मिला। ड्रोन से खेतों में छिड़काव का काम कम समय में और अधिक सुविधाजनक तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पारंपरिक तरीकों की तुलना में ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल से किसानों को खेतों में दवाइयों के छिड़काव में समय और मेहनत की बचत हो रही है। इसके साथ ही पानी की खपत कम करने में भी मदद मिल रही है। आधुनिक तकनीक के उपयोग से कृषि कार्यों को अधिक सुगम बनाने में सहायता मिल रही है। शालू रानी ने कहा कि नमो ड्रोन दीदी योजना ने महिलाओं को कृषि क्षेत्र में नई भूमिका निभाने का अवसर दिया है। ड्रोन संचालन सीखने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वह आर्थिक रूप से मजबूत बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उनका अनुभव बताता है कि महिलाएं आधुनिक तकनीक को अपनाकर कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने अन्य महिलाओं से भी नमो ड्रोन दीदी योजना का लाभ उठाने और कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलाव की सहभागी बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण को और मजबूती मिल सकती है।
हिन्दुस्थान समाचार / गुरुदत्त गर्ग

