सिरसा: शहीद मदनलाल ढींगरा का बलिदान सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा: चौपड़ा
सिरसा, 17 अगस्त (हि.स.)। भाजपा नेता एवं नागरिक परिषद के अध्यक्ष जगदीश चोपड़ा ने कहा कि शहीद मदनलाल ढींगरा का बलिदान देश कभी भुला नहीं सकता। मात्र 25 वर्ष की आयु में मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले मदनलाल ढींगरा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारियों में शामिल हैं। जगदीश चोपड़ा सोमवार को सिरसा में शहीद मदन लाल ढींगरा के शहीदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। शहीद मदन लाल ढींगरा चौक पर आयोजित कार्यक्रम में शहर के विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षणिक और धार्मिक संगठनों से जुड़े गणमान्य नागरिकों ने शहीद मदनलाल ढींगरा की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और देश की स्वतंत्रता के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया।
जगदीश चोपड़ा ने कहा कि 1 जुलाई 1909 को लंदन में मदनलाल ढींगरा ने ब्रिटिश अधिकारी सर विलियम हट कर्जन वायली की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन उन्होंने अपने कदम से पीछे हटने के बजाय अदालत में भी निर्भीकता के साथ भारत की स्वतंत्रता के पक्ष में अपने विचार रखे। ब्रिटिश अदालत ने उन्हें मृत्युदंड सुनाया और 17 अगस्त 1909 को लंदन की पेंटनविल जेल में मात्र 25 वर्ष की आयु में उन्हें फांसी दे दी गई। उनका बलिदान आने वाली पीढिय़ों के क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणा बना।
नागरिक परिषद के सचिव सुरेंद्र भाटिया ने कहा कि शहीद मदनलाल ढींगरा ने युवावस्था में जिस साहस और दृढ़ता के साथ ब्रिटिश शासन को चुनौती दी, वह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का गौरवशाली अध्याय है। नई पीढ़ी को ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों के जीवन, संघर्ष तथा बलिदान से परिचित करवाना समय की आवश्यकता है। प्रदेश स्तर पर आयोजन होने से युवाओं को देशभक्ति, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma

