सोनीपत: 2000 रुपये से अधिक यूपीआई भुगतान पर सरचार्ज का विरोध
सोनीपत, 16 सितंबर (हि.स.)। जिला
व्यापार मंडल सोनीपत के प्रधान संजय सिंगला ने 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान
पर प्रस्तावित अतिरिक्त सरचार्ज को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि व्यापारी पहले
ही कई तरह के कर और बढ़ती लागत का बोझ उठा रहे हैं। ऐसे में बिक्री का डिजिटल भुगतान
प्राप्त करने पर अतिरिक्त शुल्क लगाना व्यापारियों पर एक और आर्थिक भार होगा।
सिंगला
ने कहा कि व्यापारी माल बेचने पर जीएसटी और कमाई पर आयकर देता है। इसके अलावा बिजली-पानी
के बढ़े बिल, कर्मचारियों का वेतन, दुकान का किराया और अन्य बढ़ती व्यापारिक लागत भी
वहन करता है। ऐसे में अपनी मेहनत की कमाई का भुगतान डिजिटल माध्यम से लेने पर भी शुल्क
देना चिंता का विषय है।
उन्होंने
कहा कि यूपीआई देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुका है। छोटे दुकानदारों
से लेकर बड़े कारोबारी तक डिजिटल भुगतान को अपना चुके हैं। प्रधानमंत्री के डिजिटल
इंडिया के संकल्प को व्यापारियों ने भी आगे बढ़ाया है। ऐसे में यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त
आर्थिक बोझ डालने से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के प्रयास प्रभावित हो सकते हैं। सिंगला
ने कहा कि व्यापारी का सवाल है कि माल बेचने पर कर, कमाई पर कर और अब अपनी मेहनत की
रकम लेने पर भी शुल्क क्यों? उन्होंने सरकार और संबंधित संस्थाओं से 2,000 रुपये से
अधिक के यूपीआई भुगतान पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त सरचार्ज लगाने की व्यवस्था वापस
लेने की मांग की। उन्होंने
कहा कि व्यापारी सरकार और डिजिटल इंडिया के साथ खड़ा है तथा अर्थव्यवस्था को मजबूत
करने में अपनी भूमिका निभा रहा है। सरकार को व्यापारियों की परेशानियों को समझते हुए
ऐसी व्यवस्था से बचना चाहिए, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़े। व्यापारी देश की
अर्थव्यवस्था की धुरी है और उसे राहत देने से बाजार को मजबूती मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

