हिसार : गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के 19 शिक्षकों, शोधार्थियों व विद्यार्थियों को हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद से मिले 3.83 करोड़ के शोध प्रोजेक्टस

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हिसार : गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के 19 शिक्षकों, शोधार्थियों व विद्यार्थियों को हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद से मिले 3.83 करोड़ के शोध प्रोजेक्टस


समाज व राष्ट्र के लिए उपयोगी होने वाला शोध

ही सार्थक : प्रो. नरसी राम बिश्नोई

हिसार, 28 मार्च (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान

एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय शिक्षकों, शोधार्थियों व विद्यार्थियों को हरियाणा

राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद से 19 शोध प्रोजेक्ट मिले हैं। विश्वविद्यालय को 3.83 करोड़

रूपये के शोध प्रोजेक्ट मिले हैं। इन प्रोजेक्टस की अवधि दो वर्ष है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई

ने शनिवार काे शोध प्रोजेक्टस मिलने पर शिक्षकों, शोधार्थियों व विद्यार्थियों को बधाई दी तथा

कहा कि इतनी बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के शिक्षकों व विद्यार्थियों को शोध प्रोजेक्ट

मिलना विश्वविद्यालय के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री माननीय

नायब सिंह सैनी ने 20 करोड़ रूपये की अनुसंधान अनुदान की घोषणा की थी। हरियाणा राज्य

उच्चतर शिक्षा परिषद ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों व विद्यार्थियों से

शोध परियोजनाओं के लिए आवेदन मांगे थे। विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों व विद्यार्थियों

ने इसके लिए आवेदन किया था। इसी के परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों

व विद्यार्थियों को शोध प्रोजेक्ट मिले हैं।

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि शोध

तभी सार्थक होता है, जब वो समाज व राष्ट्र के कल्याण के लिए उपयोगी हो। विश्वविद्यालय

अपने शिक्षकों, शोधार्थियों व विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शोध सुविधाएं प्रदान करने

के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने शोधार्थियों को आह्वान किया वे समाज व राष्ट्र हित में

उच्च स्तरीय शोध करें। अपने उच्च स्तरीय शोध के चलते ही विश्वविद्यालय अंतर्राष्ट्रीय

स्तर अपनी पहचान लगातार मजबूत कर रहा है। विश्वविद्यालय का एच-इंडेक्स 141 है, जो कि

इस क्षेत्र में सर्वाधिक है। विश्वविद्यालय का स्कोपस पब्लिकेशन 5834 है तथा साइटेशन

132000 पार कर गया है। विश्वविद्यालय का औसत पेपर साइटेशन 22.66 है।

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि गुरु

जम्भेश्वर जी महाराज के आदर्शों पर चल कर विश्वविद्यालय हर क्षेत्र में अपनी पहचान

बना रहा है। विश्वविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है।

गुजविप्रौवि के प्रकृति संरक्षण सिद्धांतों के चलते ही वर्ष 2025 में यूआई ग्रीन मेट्रिक

वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारत में 29वां तथा विश्व में 680वां स्थान मिला है।

गुजविप्रौवि ऊर्जा प्रबंधन, जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन, ई-ट्रांसपोर्ट तथा शिक्षा में

सतत विकास जैसे क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

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