जींद : वैशाख अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने किया पिंडारा तीर्थ पर पिंडदान
जींद, 17 अप्रैल (हि.स.)। पांडु पिंडारा स्थित पिंडतारक तीर्थ पर शुक्रवार को वैशाख अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने सरोवर में स्नान किया तथा पिंडदान कर पितृ तर्पण किया और सुखद भविष्य की कामना की। ऐतिहासिक पिंडतारक तीर्थ पर गुरूवार शाम से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था।
गुरूवार की पूरी रात धर्मशालाओं में सत्संग तथा कीर्तन आदि का आयोजन चलता रहा। शुक्रवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं ने सरोवर में स्नान तथा पिंडदान शुरू कर दिया जो मध्यान्ह के बाद तक चलता रहा। इस मौके पर दूर दराज से आएं श्रद्धालुओं ने अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया तथा सूर्यदेव को जलार्पण करके सुख समृद्धि की कामना की। महाभारत काल से ही पितृ विसर्जन की अमावस्या, विशेषकर सोमवती अमावस्या पर यहां पिंडदान करने का विशेष महत्व है। यहां पिंडदान करने के लिए विभिन्न प्रांतों के लोग श्रद्धालु आते हैं। श्रद्धालुओं ने यहां खरीददारी भी की। जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि वैशाख अमावस्या पर दक्षिण भारत में शनि जयंती मनाई जाती है। ऐसे में इस दिन स्नान, दान, श्राद्ध कर्म, विष्णु और शनि देव की पूजा का अक्षय पुण्य प्राप्त होता है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

