हिसार : निजी कंपनियों के हित में काम कर रही भाजपा सरकार: प्रो. संपत सिंह
बिजली निजीकरण के विरोध में 11 से 13 अगस्त की हड़ताल को समर्थन
सरकार पर
सार्वजनिक बिजली व्यवस्था कमजोर करने का आरोप
हिसार, 10 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा में बिजली क्षेत्र के निजीकरण को लेकर सियासत
गरमा गई है। इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व मंत्री प्रो. संपत सिंह ने भाजपा
सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को मजबूत
करने के बजाय निजी कंपनियों के व्यावसायिक हितों को बढ़ावा देने में जुटी है। साेमवार काे उन्हाेंने 11, 12 और 13 अगस्त को बिजली कर्मचारियों एवं इंजीनियरों
की प्रस्तावित हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा कि यह लड़ाई केवल वेतन या कर्मचारियों
की सेवा शर्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की सार्वजनिक बिजली व्यवस्था, किसानों,
उपभोक्ताओं और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति को बचाने की लड़ाई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि
सरकार सार्वजनिक बिजली संस्थानों को जानबूझकर कमजोर और अक्षम बताकर उनके लाभदायक हिस्सों
को निजी कंपनियों को सौंपने की जमीन तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन बिजली संस्थानों
का निर्माण जनता के टैक्स के पैसे से हुआ है। उन्हें मजबूत करना सरकार की जिम्मेदारी
है न कि कमजोर करके निजीकरण का रास्ता खोलना। प्रो. सिंह ने बिजली वितरण व्यवस्था के निजीकरण का विरोध करते हुए कहा कि बिजली
कोई सामान्य व्यावसायिक उत्पाद नहीं, बल्कि आम आदमी, किसान और उद्योग की बुनियादी जरूरत
है। इसे केवल मुनाफे के नजरिए से नहीं देखा जा सकता।
उन्होंने बिजली निगमों की वित्तीय
स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि निगमों पर 27 हजार 915 करोड़ रुपये का घाटा और 27
हजार 248 करोड़ रुपये का कर्ज है, जबकि डिफॉल्टरों से करीब 10 हजार 140 करोड़ रुपये
की राशि बकाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतनी बड़ी राशि की वसूली लंबित है तो
सरकार का ध्यान बकाया वसूलने और व्यवस्था में सुधार करने के बजाय निजीकरण की ओर क्यों
है। कृषि फीडरों के लिए प्रस्तावित एग्रो कॉरपोरेशन या समानांतर व्यवस्था पर भी
उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कृषि फीडरों की अलग पहचान पहले ही की जा चुकी
है और टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से काम किया जा रहा है। ऐसे में बिजली निगमों के वित्तीय
संकट के बीच नया संस्थागत ढांचा खड़ा करना सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है। प्रो. सिंह ने बिजली निगमों की वित्तीय स्थिति के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदार
ठहराने के प्रयासों को भी खारिज किया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

