हिसार : हरियाणा का बजट युवा, किसान और मजदूर को राहत नहीं बल्कि वादों की बरसात : पवन बलराज सातरोड़

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हिसार : हरियाणा का बजट युवा, किसान और मजदूर को राहत नहीं बल्कि वादों की बरसात : पवन बलराज सातरोड़


हिसार, 03 मार्च (हि.स.)। बहुजन समाज पार्टी

के वरिष्ठ नेता पवन बलराज सातरोड़ ने कहा है कि हरियाणा का बजट विकास की ठोस नीति नहीं

बल्कि आगामी चुनावों को साधने के लिए तैयार किया गया एक राजनीतिक दस्तावेज है। उन्होंने

कहा कि सरकार ने आंकड़ों की बाजीगरी और योजनाओं की चमक-दमक के माध्यम से जनता को प्रभावित

करने का प्रयास किया है जबकि जमीनी स्तर पर बेरोज़गारी, महंगाई अपराध और आर्थिक असमानता

की वास्तविकता किसी से छिपी नहीं है।

पवन बलराज सातरोड़ ने मंगलवार काे कहा कि यदि सरकार की नीयत

साफ होती और बजट वास्तव में किसानों, दलितों, पिछड़ों, मजदूरों, कर्मचारियों, युवाओं

और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए समर्पित होता तो प्रदेश का युवा रोजगार के लिए भटकने

को मजबूर न होता। किसान कर्ज़ और लागत के बोझ तले दबा न होता और छोटे व्यापारी आर्थिक

संकट से जूझते न दिखाई देते। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी

क्षेत्रों में केवल घोषणाएं की गई हैं, लेकिन बजटीय आवंटन और क्रियान्वयन की स्पष्ट

समयसीमा का अभाव है। सरकारी स्कूलों की स्थिति खाली पड़े पद अस्पतालों में डॉक्टरों

और संसाधनों की कमी—ये सब सरकार के दावों की पोल खोलते हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट सामाजिक न्याय

की मूल भावना से दूर है। अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों

के लिए योजनाओं का उल्लेख तो किया गया है, लेकिन उनके लिए ठोस वित्तीय प्रावधान और

निगरानी तंत्र का अभाव है।

बसपा नेता ने सरकार से सवाल किए कि पिछली घोषणाओं

में से कितनी योजनाएं पूरी तरह लागू हुईं, कितनी स्थायी और पारदर्शी नौकरियां दी गईं,

किसानों की आय बढ़ाने के वादे का वास्तविक आंकड़ा क्या है, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं

का लाभ कितने पात्र लाभार्थियों तक पहुंचा। उन्होंने मांग की कि सरकार श्वेतपत्र जारी

कर इन सभी सवालों का जवाब सार्वजनिक करें। पवन बलराज सातरोड़ ने कहा कि प्रदेश पर बढ़ते

कर्ज़ और वित्तीय घाटे को लेकर सरकार की चुप्पी चिंताजनक है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

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