नारनौल के आईटीबीपी जवान की अमृतसर में मौत,सरकारी सम्मान के साथ संस्कार

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नारनौल, 30 नवंबर (हि.स.)। नारनौल निवासी आईटीबीपी जवान की अमृतसर में मौत के बाद उनका पार्थिव शरीर रविवार को पैतृक गांव मारोली में लाया गया, जहां सरकारी सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के बेटों ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। वह पंजाब के अमृतसर में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनकी अंतिम यात्रा में आईटीबीपी के अधिकारी शामिल हुए और टुकड़ी ने सलामी दी।

जानकारी के अनुसार गांव मारोली निवासी 53 वर्षीय अमर सिंह आईटीबीपी में तैनात थे। उन्होंने 1997 में आईटीबीपी जॉइन की। इसके बाद उनकी कई जगहों पर तैनाती रही। शनिवार सुबह उन्हें हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उन्हें पहले अमृतसर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, सुधार न होने पर उन्हें नोएडा के अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इसके बाद शनिवार रात को शहीद हुए अमर सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव मारोली लाया गया। उनका शव जब गांव में पहुंचा तो पूरे गांव के लोगों ने देशभक्ति के नारे लगाए। इसके बाद रविवार को उनका अंतिम संस्कार गांव के स्वर्ग आश्रम में किया गया।

शहीद की अंतिम यात्रा में गांव मारोली, कारोली, कोरियावास व निजामपुर क्षेत्र के अनेक लोग शामिल हुए। गांव के सरपंच भीम सिंह ने बताया कि शहीद अमर सिंह के माता-पिता जिंदा हैं। शहीद के दो पुत्र हेमंत व मनीष और एक पुत्री मनेश है। आईटीबीपी की टुकड़ी के साथ आए अधिकारी बलराज ने बताया कि अमर सिंह 1997 में आईटीबीपी में भर्ती हुए थे। उन्हें हार्ट अटैक आया, जिसके बाद रेफरल अस्पताल नोएडा में उन्हें लाया गया। जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वह जीडी कॉन्स्टेबल पद पर अमृतसर में तैनात थे। अंतिम संस्कार में नलवाटी विकास समिति के प्रधान सतपाल, विधायक मंजू चौधरी के पुत्र अभय सिंह, शिव कुमार महता, विनोद भील आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

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