नारनाैल: भूस्खलन व बाढ़ के जोखिम समझने हिमाचल रवाना हुआ विद्यार्थी दल

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नारनाैल: भूस्खलन व बाढ़ के जोखिम समझने हिमाचल रवाना हुआ विद्यार्थी दल


नारनाैल, 14 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ के विद्यार्थियों का दल आपदा जोखिम आंकलन पर आधारित क्षेत्रीय अध्ययन भ्रमण के लिए बुधवार को हिमाचल प्रदेश रवाना हुआ। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार, भूगोल विभागाध्यक्ष प्रो. एमएल मीणा और संकाय सदस्य डॉ. सीएम मीणा ने हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को भ्रमण के दौरान अनुशासन बनाए रखने और अध्ययन से जुड़ी जानकारियों को गंभीरता से दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भ्रमण विद्यार्थियों को विषय की व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर प्रदान करता है। इससे कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने में मदद मिलेगी।

भूगोल विभागाध्यक्ष प्रो. एमएल मीणा ने बताया कि भ्रमण के दौरान विद्यार्थी शिमला, कल्पा, चितकुल और आसपास के क्षेत्रों का अध्ययन करेंगे। हिमाचल प्रदेश का पहाड़ी भूभाग भूस्खलन, बादल फटने, बाढ़, भूकंप और हिमस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील है। ऐसे में विद्यार्थियों को इन क्षेत्रों में आपदाओं के कारणों, प्रभावों और उनसे बचाव के उपायों को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने बताया कि विद्यार्थी स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनके रहन-सहन, आजीविका, खेती, पर्यटन और सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों से संबंधित जानकारी भी जुटाएंगे। इसके साथ ही वे अध्ययन करेंगे कि पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोग प्राकृतिक आपदाओं का सामना किस प्रकार करते हैं और इन घटनाओं का उनके दैनिक जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है।

भ्रमण के दौरान एकत्रित की गई जानकारियों के आधार पर विद्यार्थी अपनी क्षेत्रीय अध्ययन रिपोर्ट तैयार करेंगे। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन और जोखिम आकलन की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना तथा उनके शोध और विश्लेषण कौशल को विकसित करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

Livevns.news Desk
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