नारनाैल में आरक्षण के विरोध में स्वर्ण समाज लामबंद
आंदोलन की रणनीति तैयार, चार कमेटियां गठित
नारनाैल, 14 सितंबर (हि.स.)। राव बंशी सिंह पार्क में सोमवार को यूजीसी, एससी-एसटी एक्ट और जातिगत आरक्षण के विरोध में स्वर्ण समाज की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डॉ. मामचंद शर्मा ने की। इसमें वक्ताओं ने संबंधित प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए समाज को इनके कथित दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का निर्णय लिया।
बैठक में आंदोलन की आगामी रणनीति तैयार करने के लिए चार कमेटियों का गठन किया गया। खेमचंद शर्मा ने कहा कि कानूनों और प्रावधानों से होने वाले कथित शोषण के खिलाफ समाज को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।
एडवोकेट गोबिंद शर्मा ने यूजीसी से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। संदीप नुनीवाल ने आरोप लगाया कि इन प्रावधानों की आड़ में बच्चों के भविष्य को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
गजेंद्र बोहरा ने इनके सनातन और हिंदू वैदिक परंपराओं पर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई। डॉ. धीरज शर्मा ने कहा कि स्वर्ण समाज के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं की भूमिका स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय समाज इसका जवाब देगा।
बैठक में 11 वरिष्ठ सदस्यों का संरक्षक मंडल बनाया गया। वहीं 31 सदस्यों की कोर कमेटी गठित की गई। एडवोकेट गोबिंद शर्मा और एडवोकेट हेमंत शर्मा के सानिध्य में 11 सदस्यीय लीगल एडवाइजरी कमेटी बनाई गई। महिलाओं के लिए भी 11 सदस्यीय कमेटी गठित की गई, जिसमें सरोज बाला शर्मा, मधु चौहान और रेणु शर्मा शामिल हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

