नारनौलः केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति ने किया ‘भगवान परशुराम काव्य संग्रह’ का विमोचन

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नारनौलः केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति ने किया ‘भगवान परशुराम काव्य संग्रह’ का विमोचन


नारनाैल, 18 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय महेन्द्रगढ़ में शनिवार को एक साहित्यिक आयोजन के तहत वरिष्ठ कवि, साहित्यकार और पूर्व प्राचार्य जयप्रकाश कौशिक द्वारा रचित पुस्तक ‘भगवान परशुराम काव्य संग्रह’ का विमोचन किया गया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो टंकेश्वर कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो सुनील कुमार, विश्वविद्यालय की प्रथम महिला प्रो सुनीता श्रीवास्तव सहित अनेक वरिष्ठ अकादमिक सदस्य, शोधार्थी और साहित्य प्रेमी मौजूद रहे। समारोह के दौरान पुस्तक की सराहना करते हुए कुलपति ने कहा कि यह काव्य संग्रह एक युगांतरकारी प्रयास है, जिसमें भगवान परशुराम के जीवन दर्शन को समग्र रूप में प्रस्तुत किया गया है।

उन्होंने कहा कि इतिहास में परशुराम के व्यक्तित्व और कृतित्व को लेकर कई भ्रांतियां और गलत धारणाएं फैलाई गई हैं, लेकिन यह कृति उन सभी पहलुओं का गहन विश्लेषण कर वास्तविकता को उजागर करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि लेखक की अनुभवी लेखनी भविष्य में भी समाज और नई पीढ़ी को जागरूक करने का कार्य करती रहेगी।

पुस्तक के रचनाकार जयप्रकाश कौशिक ने अपनी लेखन यात्रा साझा करते हुए बताया कि इस काव्य संग्रह के सृजन से पहले उन्होंने परशुराम से जुड़े विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा कर गहन अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि परशुराम का जीवन वेद, वेदांत, भागवत पुराण और वाल्मीकि रामायण जैसे ग्रंथों में बिखरा हुआ है, जिसे एक सूत्र में पिरोने का प्रयास इस पुस्तक में किया गया है। उन्होंने बताया कि कृति में परशुराम के जीवन के प्रमुख प्रसंगों जनापाव में जन्म, हिमालय में शिक्षा, सरस्वती तट पर समाज को संगठित करने का कार्य और सहस्रार्जुन के साथ युद्ध को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

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