नारनौल में विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
नारनाैल, 20 फ़रवरी (हि.स.)। नारनौल में सामाजिक न्याय से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्गों के हित में बनाए गए नियमों के समर्थन में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति एवं हरियाणा के राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सांसद राजकुमार सैनी ने की।
लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद राजकुमार सैनी ने शुक्रवार को डा भीमराव अंबेडकर स्मारक के पास बैठक भी की। जिसके बाद अनेक संगठनों के लोग नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। जहां पर उन्होंने सीटीएम मंगल सैन को दिया। ज्ञापन में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा लागू किए गए समता के संवर्द्धन से संबंधित विनियम को शीघ्र प्रभाव से लागू करने तथा इसके खिलाफ दायर याचिका में सरकार की सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी करने की मांग की गई है। राजकुमार सैनी ने कहा कि यूजीसी के नए प्रावधान संविधान के अनुरूप हैं और इनका उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में समान अवसर, प्रतिनिधित्व तथा भेदभाव-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कि पिछले वर्षों में विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों के साथ भेदभाव व उत्पीड़न के मामलों में वृद्धि हुई है, जिससे विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। ऐसे में यूजीसी का यह विनियमन सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रतिनिधियों ने मांग की कि प्रस्तावित समितियों में एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक और दिव्यांग वर्ग के सदस्यों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाए, ताकि संस्थानों में जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके। साथ ही, नियमों को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को रोकने तथा इन्हें बिना विलंब लागू करने की अपील भी की गई। इस मौके पर पूर्व प्राचार्य डा शिवताज सिंह, सुरेश जांगिड़, चंदन सिंह जालवान, बिरदी चंद गोठवाल, पूर्व तहसीलदार लाला राम, किशनलाल लुहानीवाल, बलबीर सिंह बबेरवाल आदि मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

