नारनौलः राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर ग्राम सभाओं में जल संरक्षण व स्वच्छता पर जोर

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नारनौलः राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर ग्राम सभाओं में जल संरक्षण व स्वच्छता पर जोर


‘हर घर जल’, ओडीएफ प्लस सत्यापन और ‘स्वच्छ सुजल गांव’ की दिलाई शपथ, जल प्रबंधन नीति 2026 पर दिया प्रशिक्षण

नारनाैल, 24 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन कर पेयजल, स्वच्छता और साफ-सफाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान ‘हर घर जल’, ओडीएफ प्लस सत्यापन तथा ‘स्वच्छ सुजल गांव’ के संकल्प को दोहराते हुए ग्रामीणों को शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रमों में ग्राम जल एवं सीवरेज समिति के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही।

जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने बताया कि राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस हर वर्ष 24 अप्रैल को मनाया जाता है। यह दिवस वर्ष 1993 में 73वें संवैधानिक संशोधन के लागू होने की स्मृति में आयोजित किया जाता है, जिसके माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा मिला और ग्रामीण स्तर पर लोकतंत्र को मजबूती मिली। उन्होंने कहा कि यह दिवस ग्रामीण विकास, विकेंद्रीकरण और पंचायतों के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का प्रतीक है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पहली बार वर्ष 2010 में मनाया गया था। पंचायतें केंद्र सरकार और ग्रामीण समुदायों के बीच एक अहम कड़ी के रूप में कार्य करती हैं, जो योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन द्वारा जिले के विभिन्न खंडों नारनौल के जाखनी, निजामपुर के बिगोपुर, सतनाली के बलाना, सिहमा के मित्रपुरा, महेंद्रगढ़ के बसई, कनीना के इसराना, अटेली के बाछोद और नांगल चौधरी के स्योरामनाथपुरा में ग्राम सभाओं के माध्यम से इस दिवस को उत्साहपूर्वक मनाया गया।

इस मौके पर नई संचालन एवं रखरखाव नीति 2026 के तहत ग्राम पंचायतों की भूमिका पर प्रशिक्षण भी दिया गया। नलों को खुला न छोड़ने, प्रत्येक नल पर टोंटी लगाने और पेयजल का उपयोग सिंचाई में न करने जैसे सुझाव दिए गए, ताकि सभी तक पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

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