नारनौलः केंद्रीय विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में दिल्ली विश्वविद्यालय बना विजेता
एसआरएम सोनीपत प्रथम उपविजेता, लिंगयास विद्यापीठ द्वितीय स्थान पर, विधि विद्यार्थियों की प्रतिभा का दिखा शानदार प्रदर्शन
नारनाैल, 30 मार्च (हि.स.)। महेंद्रगढ़ स्थित हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि) में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का समापन सोमवार को हुआ। इसमें देशभर के विधि विद्यार्थियों ने अपने तर्क और कानूनी ज्ञान का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में लॉ सेंटर-एक दिल्ली विश्वविद्यालय ने विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि एसआरएम विश्वविद्यालय सोनीपत प्रथम उपविजेता और लिंगयास विद्यापीठ द्वितीय उपविजेता रहा।
दो दिनों तक चले इस आयोजन के अंतिम दौर में लॉ सेंटर-एक दिल्ली विश्वविद्यालय और एसआरएम विश्वविद्यालय सोनीपत के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। दोनों टीमों ने न्यायालयीन शैली में प्रभावशाली दलीलें पेश कर निर्णायकों को प्रभावित किया।
प्रतियोगिता में व्यक्तिगत पुरस्कार भी प्रदान किए गए। लिंगयास विद्यापीठ के कुमार शिवम शर्मा को सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता, जीजीएसआईपीयू की मानसी शर्मा को सर्वश्रेष्ठ मूटेर तथा केएलई लॉ कॉलेज बेंगलुरु को सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डॉ बीआर अंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो देविंदर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता हकेवि के कुलपति प्रो टंकेशवर कुमार ने की।
अंतिम दौर के निर्णायक मंडल में प्रो. देविंदर सिंह के साथ सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड अधिवक्ता सुमित किशोर तथा जिला न्यायालय नारनौल के वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश मेहता शामिल रहे। निर्णायकों की सूक्ष्म दृष्टि और विशेषज्ञता ने प्रतियोगिता को अत्यंत शिक्षाप्रद और रोमांचक बना दिया। अपने संबोधन में प्रो. देविंदर सिंह ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं विधि विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच हैं, जहां वे न केवल तर्क प्रस्तुत करना सीखते हैं, बल्कि यह भी समझते हैं कि किस परिस्थिति में क्या कहना उचित है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर डॉ. समीक्षा, डॉ. डीपीएस पूनिया, डॉ. दक्षिता, डॉ. रामबीर सहित विश्वविद्यालय के अनेक प्राध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

