नारनौल में पैमाइश करने पहुंची टीम लौटी बैरंग, रिकॉर्ड गायब, अतिक्रमण पर कार्रवाई टली
1984 की फील्ड बुक नहीं मिलने से अटकी निशानदेही, एक सप्ताह में कार्रवाई का भरोसा
नारनाैल, 16 अप्रैल (हि.स.)। जिले के गांव बलाहां कलां में गुरुवार को नेशनल हाईवे नंबर-11 से गांव बलाहां खुर्द जाने वाले मार्ग पर अतिक्रमण हटाने के लिए प्रस्तावित पैमाइश नहीं हो सकी। पैमाइश के लिए मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण बिना कार्रवाई किए ही वापस लौट गई। इससे ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली, जो लंबे समय से इस मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं।
गांव बलाहां खुर्द की सरपंच आशा के प्रतिनिधि अतर सिंह ने इस संबंध में समाधान शिविर में शिकायत दी थी। शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की। उपायुक्त के निर्देश पर सीटीएम ने जांच की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी विभाग को सौंपी थी। इसके तहत पीडब्ल्यूडी ने तहसीलदार, हल्का गिरदावर और पटवारी को मौके पर पैमाइश के निर्देश जारी किए थे। इसके लिए नोटिस भी जारी किए गए और करीब 350 से अधिक ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी लिए गए थे।
मौके पर पहुंचे हल्का गिरदावर परशुराम ने बताया कि संबंधित मार्ग का राजस्व रिकॉर्ड पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1984 की फील्ड बुक गायब है, जिसे मुसावी से मिलान करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। रिकॉर्ड के अभाव में निशानदेही संभव नहीं हो सकी, जिसके चलते टीम को लौटना पड़ा।
पीडब्ल्यूडी बी एंड आर के जेई अशोक कुमार ने बताया कि राजस्व रिकॉर्ड में स्पष्ट जानकारी न होने के कारण पैमाइश नहीं हो पाई। उन्होंने आश्वासन दिया कि जैसे ही राजस्व विभाग द्वारा निशानदेही पूरी कर दी जाएगी, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तुरंत शुरू कर दी जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

