नारनौल में भूजल सुधार के लिए 150 इंजेक्शन वेल स्थापित, 250 पर काम जारी
नारनाैल, 28 अप्रैल (हि.स.)। जिले में गिरते जल स्तर को सुधारने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है। अब तक जिले की विभिन्न नदियों और नालों में 150 इंजेक्शन वेल स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 250 अन्य इंजेक्शन वेल लगाने का कार्य प्रगति पर है, जिसे जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उपायुक्त अनुपमा अंजली ने मंगलवार को जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिले की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। यह बैठक देश के डार्क जोन और क्रिटिकल जिलों में जल स्तर सुधार के प्रयासों की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी। उन्होंने बताया कि इन इंजेक्शन वेल का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान नदियों और नालों में आने वाले अतिरिक्त वर्षा जल को सीधे जमीन के भीतर पहुंचाना है, जिससे भूजल का तेजी से रिचार्ज किया जा सके। इसके अलावा, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा सेक्टर-एक में बने भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर तैयार कर वर्षा जल का उपयोग भूजल पुनर्भरण में किया जा रहा है। जिले में जल संचय अभियान के तहत अब तक 353 कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जबकि 17 परियोजनाओं पर कार्य जारी है। प्रशासन का मानना है कि इन प्रयासों से आने वाले समय में जिले के भूजल स्तर में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग इस अभियान की नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा है। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निर्मल नागर, सिंचाई विभाग के एक्सईएन डॉ संदीप नासिर, मिकाडा के एक्सईएन सुनीत राठी और डीडीए डॉ देवेंद्र सिंह आदि वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

