नारनौल की सरेली पहाड़ियों में फिर भड़की आग, वन संपदा को नुकसान
एक सप्ताह में दूसरी घटना, पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू
नारनाैल, 23 मई (हि.स.)। जिले के निजामपुर क्षेत्र स्थित गांव सरेली की पहाड़ियों में शुक्रवार देर शाम अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। तेज गर्मी और सूखी झाड़ियों के कारण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं, जिससे आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। इस घटना में पहाड़ियों पर मौजूद हरे-भरे पेड़-पौधों और वन्य जीवों को भारी नुकसान पहुंचा है।
ग्रामीणों के अनुसार शुक्रवार शाम पहाड़ियों की ओर से धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग तेजी से फैलने लगी और पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड विभाग को दी, लेकिन दमकल विभाग की गाड़ी करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंची। तब तक आग काफी बड़े इलाके में फैल चुकी थी।
आग बुझाने के लिए ग्रामीणों ने भी अपने स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए। कई लोग पानी और टहनियों की मदद से आग रोकने में जुटे रहे, लेकिन पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण राहत कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रास्ते कठिन होने की वजह से दमकल कर्मियों को भी आग तक पहुंचने में परेशानी हुई।
फायर ब्रिगेड कर्मचारियों और ग्रामीणों ने करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद देर रात आग पर काबू पाया। ग्रामीणों का कहना है कि एक सप्ताह के भीतर पहाड़ियों में दूसरी बार आग लगना चिंता का विषय है।
गांव के सरपंच और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही आग की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में पर्यावरण, वन संपदा और वन्य जीवों को और अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने पहाड़ी क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और त्वरित राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

