नारनाैल: केंद्रीय विश्वविद्यालय के डॉ. रवि पाण्डेय को मिली 19 लाख की शोध परियोजना

WhatsApp Channel Join Now
नारनाैल: केंद्रीय विश्वविद्यालय के डॉ. रवि पाण्डेय को मिली 19 लाख की शोध परियोजना


विद्यालयी किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर होगा अध्ययन, आईसीएसएसआर ने दी वित्तीय स्वीकृति

नारनाैल, 08 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ के मनोविज्ञान विभाग के सहआचार्य डॉ. रवि प्रताप पाण्डेय को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से 19 लाख रुपये की शोध परियोजना स्वीकृत हुई है। इस उपलब्धि पर बुधवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने डॉ. पाण्डेय को बधाई देते हुए इसे समाजोपयोगी और शिक्षा जगत के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया।

यह शोध परियोजना रोल ऑफ योगिक प्रैक्टिसिज एंबेडेड इन श्रीमद्भगवद्गीता फॉर एन्हांसिंग द वेलबीइंग ऑफ स्कूल गोइंग एडोल्सेंट्स शीर्षक से स्वीकृत हुई है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य श्रीमद्भगवद्गीता में वर्णित योगिक अभ्यासों के माध्यम से विद्यालयी किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और मनोवैज्ञानिक दृढ़ता का वैज्ञानिक अध्ययन करना तथा उनके समग्र विकास के लिए साक्ष्य-आधारित उपाय विकसित करना है।

इस परियोजना का संचालन डॉ. रवि प्रताप पाण्डेय के नेतृत्व में किया जाएगा। इसमें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), नई दिल्ली के प्रो. शांतेश कुमार सिंह सह-अन्वेषक के रूप में सहयोग करेंगे। दोनों शिक्षाविद भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक मनोवैज्ञानिक शोध को जोड़ते हुए किशोरों के कल्याण पर अध्ययन करेंगे।

डॉ. रवि प्रताप पाण्डेय ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करने पर आईसीएसएसआर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अध्ययन के निष्कर्ष विद्यालयों में मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित वैज्ञानिक हस्तक्षेप विकसित करने में भी सहायक सिद्ध होंगे। इससे किशोरों के समग्र व्यक्तित्व विकास को नई दिशा मिलेगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

Share this story