नारनौल : स्मारकों के आसपास निर्माण से पहले ऑनलाइन अनुमति लेना अब जरूरी
एनएमए पोर्टल और मोबाइल ऐप से होगी आवेदन प्रक्रिया पूरी
नारनाैल, 16 जून (हि.स.)। संरक्षित स्मारकों और राष्ट्रीय महत्व के क्षेत्रों के आसपास किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करने से पहले अब संबंधित प्राधिकरण की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाने के लिए राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (एनएमए) ने ऑनलाइन आवेदन प्रणाली शुरू की है। इसके माध्यम से संपत्ति मालिक निर्माण अनुमति के लिए घर बैठे आवेदन कर सकेंगे।
उपायुक्त अनुपमा अंजली ने मंगलवार को बताया कि प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत संरक्षित स्मारकों के आसपास स्थित प्रतिबंधित और विनियमित क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए विशेष प्रावधान लागू हैं। इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एनएमए ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेसिंग सिस्टम विकसित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल स्वरूप देने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो के सहयोग से एक विशेष मोबाइल ऐप भी तैयार किया गया है। पोर्टल पर आवेदन करने के बाद आवेदकों को इस मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रस्तावित निर्माण स्थल के जियो-कोऑर्डिनेट्स भेजने होंगे। यह तकनीक निर्माण स्थल की सटीक भौगोलिक स्थिति का सत्यापन करेगी। इसके आधार पर यह निर्धारित किया जाएगा कि संबंधित भूमि संरक्षित स्मारक के प्रतिबंधित क्षेत्र में आती है, विनियमित क्षेत्र में है अथवा इन दोनों श्रेणियों से बाहर है।
उपायुक्त ने सभी विभागों, नगर निकायों और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि नई व्यवस्था के बारे में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को नियमों की जानकारी मिलने से अवैध निर्माण पर रोक लगेगी और अनुमति संबंधी आवेदनों का निपटारा भी अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध तरीके से किया जा सकेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

