नारनौलः सत्ता सुख भोगने का साधन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यमः नायब सिंह सैनी

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नारनौलः सत्ता सुख भोगने का साधन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यमः नायब सिंह सैनी


नारनौलः सत्ता सुख भोगने का साधन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यमः नायब सिंह सैनी


नारनाैल, 08 जून (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सत्ता उनके लिए सुख भोगने का साधन नहीं, बल्कि जनता की सेवा का माध्यम है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा दक्षिण हरियाणा के साथ किए गए भेदभाव को वर्तमान सरकार ने समाप्त किया है और विकास कार्यों में क्षेत्रीय असमानता दूर करते हुए ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ की भावना को व्यवहारिक रूप से लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री सोमवार को नारनौल में भाजपा के जिला कार्यालय ‘नमो कमल’ के उद्घाटन समारोह के दौरान आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने पार्टी का ध्वज फहराया तथा हवन यज्ञ में आहुति देकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। समारोह की अध्यक्षता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता ने की।

महेंद्रगढ़ जिले के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नारनौल और महेंद्रगढ़ क्षेत्र में सड़क संपर्क व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। लॉजिस्टिक हब सहित कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही जल समस्या के समाधान के लिए सरकार ने नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के प्रयास किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का संगठनात्मक ढांचा अन्य राजनीतिक दलों से अलग है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1980 में एक सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण के उद्देश्य से भाजपा की स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि 1984 में केवल दो लोकसभा सीटों से शुरू हुआ भाजपा का सफर आज विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक राजनीतिक पार्टी बनने तक पहुंचा है। उन्होंने इसका श्रेय कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, संगठन की मजबूती और जनता के विश्वास को दिया। साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार विकास और जनकल्याण की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

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