नारनाैल: नागरी सेवी सम्मान से सम्मानित हुए डॉ. नीरज

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नारनाैल: नागरी सेवी सम्मान से सम्मानित हुए डॉ. नीरज


50वें राष्ट्रीय नागरी लिपि अधिवेशन में मिला सम्मान, कुलपति ने उपलब्धि को विश्वविद्यालय के लिए बताया गौरवपूर्ण

नारनाैल, 07 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के सहायक आचार्य तथा जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नीरज कर्ण सिंह को नागरी लिपि के प्रचार-प्रसार और संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान के लिए 'नागरी सेवी सम्मान-2026' से सम्मानित किया गया। यह सम्मान नई दिल्ली की नागरी लिपि परिषद और बेंगलुरु हिंदी अकादमी द्वारा आयोजित 50वें राष्ट्रीय नागरी लिपि अधिवेशन में प्रदान किया गया।

मंगलवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने डॉ. नीरज कर्ण सिंह को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षक राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपलब्धियों से संस्थान की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि डॉ. सिंह भविष्य में भी नागरी लिपि, हिंदी भाषा और भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण, संवर्धन तथा प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

कुलपति ने कहा कि नागरी लिपि भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की मजबूत आधारशिला है। इसके संरक्षण और वैज्ञानिक स्वरूप को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. नीरज का यह सम्मान विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है और इससे युवा शिक्षकों एवं शोधार्थियों को भारतीय भाषाओं के संरक्षण के लिए प्रेरणा मिलेगी।

सम्मान समारोह में नागरी लिपि परिषद के महामंत्री डॉ. हरिसिंह पाल तथा बेंगलुरु हिंदी अकादमी के अध्यक्ष डॉ. इसपाक अली ने कहा कि डॉ. नीरज कई वर्षों से नागरी लिपि के वैज्ञानिक पक्ष पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वे नागरी लिपि को वैश्विक पहचान दिलाने में भी सक्रिय योगदान देंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

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