नारनौल में भीषण गर्मी का कहरःलू से बचाव के लिए प्रशासन की सख्त चेतावनी
उपायुक्त अनुपमा अंजलि की अपील, दोपहर में घर से बाहर न निकलें, अस्पतालों में बढ़े मरीज
नारनाैल, 18 अप्रैल (हि.स.)। दक्षिण हरियाणा में लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज धूप और लू के थपेड़ों के बीच जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उपायुक्त अनुपमा अंजलि ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी सूरत में बच्चों या बुजुर्गों को बंद खड़ी गाड़ी में अकेला न छोड़ें, क्योंकि इससे जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है।
उन्होंने शनिवार को जारी संदेश में कहा कि तपती गर्मी और बढ़ते पारे को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने लोगों से अपील की कि दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे के बीच बेवजह घरों से बाहर न निकलें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
इस बीच सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में ओपीडी मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। अधिकतर मरीज गर्मी से जुड़ी समस्याओं के कारण अस्पताल पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि लू लगने से शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। यदि समय रहते उपचार न मिले तो स्थिति जानलेवा भी बन सकती है। डॉ अशोक कुमार ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ये वर्ग गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, इसलिए इनके स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग ने सुझाव दिया है कि लोग प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें ताकि शरीर का तापमान संतुलित बना रहे। साथ ही, धूप में निकलते समय सिर को ढककर रखें और पर्याप्त तरल पदार्थों का सेवन करें।
प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सावधानी और सतर्कता ही इस भीषण गर्मी से सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी तरीका है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

