नारनौलः कोई भी व्यक्ति खुले में न सोए, रैन बसेरे में भोजन-पानी और बिस्तर की सुविधाएं उपलब्धः कैप्टन मनोज कुमार
-सर्दी के मौसम को देखते हुए उपायुक्त ने जारी की एडवाइजरी
नारनाैल, 07 जनवरी (हि.स.)। उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने सर्दी के मौसम को देखते हुए बुधवार को जिला के नागरिकों को एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह बेघर हो या अन्य, खुले में न सोए। किसी भी आपात स्थिति में सूचना प्राप्त करने या मदद के लिए टोल-फ्री नंबर 112 पर संपर्क करें।
उन्होंने कहा कि बेघर और शहरी गरीबों के लिए रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है, जहां पर भोजन, पानी और बिस्तर की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को दवाओं, स्टाफ और हीटिंग सुविधाओं के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त ने बुधवार काे कहा सभी नागरिक शीत लहर की स्थिति को देखते हुए स्थिति पर कड़ी नजर रखें। शीत लहर की स्थिति के लिए उचित एहतियाती उपाय करें। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी रैन बसेरों में बेघरों के लिए कंबल और बिस्तर युक्त रेन बसेरों का प्रबंध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ठंड से बचने के लिए ढीले-ढाले ऊनी कपड़ों की कई परतें पहनें। शरीर को सूखा रखें। रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए विटामिन-सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। नियमित अंतराल पर गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें। हीटर का उपयोग करते समय वेंटिलेशन (हवा की आवाजाही) का ध्यान रखें ताकि जहरीली गैसों से बचा जा सके। कपकपी को नजरअंदाज न करें, यह शरीर में गर्मी की कमी का पहला संकेत है। ऐसी स्थिति में तुरंत घर के अंदर जाएं।
उन्होंने किसानों को फसलों में हल्की सिंचाई करने और पशुओं को ढके हुए स्थानों पर रखने की सलाह दी। शीत लहर के दौरान जहां भी संभव हो हल्की और लगातार सतही सिंचाई (पानी की उच्च विशिष्ट ऊष्मा) करें। यदि संभव हो तो स्प्रिंकलर सिंचाई (संघनन-आसपास की गर्मी को छोड़ना) का उपयोग करें। शीत लहर के दौरान पशुओं को खुले में न बांधें व घूमने न दें।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

