नारनाैल में शादी सीजन से पहले प्रशासन सतर्क, बाल विवाह रोकने को बढ़ाई निगरानी

WhatsApp Channel Join Now

पंडित, मौलवी, टेंट संचालक और हलवाई बुकिंग से पहले देखेंगे दस्तावेज, सूचना मिलने पर 112 व 1098 पर करें संपर्क

नारनाैल, 23 सितंबर (हि.स.)। जिले में आगामी विवाह-शादियों के सीजन को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाल विवाह रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी एवं संरक्षण अधिकारी सरीता शर्मा ने आमजन से अपील की है कि बच्चों का विवाह निर्धारित कानूनी उम्र पूरी होने के बाद ही करें।

सरीता शर्मा ने बुधवार को बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह कराना अपराध है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह करवाने, उसमें सहयोग करने या उसे बढ़ावा देने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामले में दो साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

उन्होंने बताया कि महेंद्रगढ़ जिले में बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन की ओर से सख्ती बरती जा रही है। इसके लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाने की विस्तृत कार्य-योजना तैयार की गई है। प्रशासन पंडित, मौलवी, टेंट हाउस संचालक, हलवाई, कार्ड प्रिंटर, फोटोग्राफर और विवाह से जुड़ी अन्य एजेंसियों के संपर्क में रहेगा। इनसे बुकिंग से पहले वर-वधू की उम्र संबंधी दस्तावेज देखने को कहा जाएगा।

आशा वर्करों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बाल विवाह की आशंका होने पर उन्हें ऐसी शादी में सेवाएं नहीं देने और संबंधित अधिकारियों को सूचना देने के लिए कहा गया है। प्रशासन ने सरपंचों, नगर पार्षदों, आंगनवाड़ी सुपरवाइजरों और कार्यकर्ताओं से भी सहयोग की अपील की है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

Share this story