नारनौल में अवैध गैस रिफिलिंग पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, 167 सिलेंडर जब्त, दो एफआईआर दर्ज
ताबड़तोड़ छापेमारी, जारी रहेगा अभियान, गैस सप्लाई पूरी तरह सुचारू
नारनाैल, 01 अप्रैल (हि.स.)। नारनौल में अवैध गैस रिफिलिंग और घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्ती तेज कर दी है। उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बुधवार को बताया कि खाद्य एवं पूर्ति विभाग द्वारा मार्च माह में चलाए गए विशेष अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर कुल 167 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। जब्त किए गए सिलेंडरों को नियमानुसार संबंधित गैस कंपनियों के पास जमा करवा दिया गया है।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि केवल सिलेंडर जब्त करना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। इसी क्रम में जिले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पहली एफआईआर गांव पाली निवासी गोपाल कृष्ण के खिलाफ दर्ज हुई, जो घरेलू गैस का दुरुपयोग करते पाया गया। वहीं दूसरी एफआईआर निजामपुर स्थित वरुणा गैस वितरक के खिलाफ दर्ज की गई, जहां कार्यप्रणाली में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
डीसी ने कहा कि हरियाणा सरकार के निर्देशों के तहत यह अभियान अप्रैल माह में भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा की जा सके और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने जिलावासियों को भरोसा दिलाया कि जिले में घरेलू एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है।
सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी अरुण सैनी के अनुसार 31 मार्च तक जिले की गैस एजेंसियों के पास कुल 11 हजार 910 सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध था, जिनमें से सात हजार 501 सिलेंडर सीधे प्लांट से प्राप्त हुए। मंगलवार को विभिन्न एजेंसियों द्वारा पांच हजार 861 घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी की गई, जबकि तीन हजार 586 नए ऑनलाइन बुकिंग ऑर्डर प्राप्त हुए।
उन्होंने बताया कि वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 59 और शहरी क्षेत्रों में 26 वाहनों को होम डिलीवरी के लिए लगाया गया है। इसके अलावा 363 कमर्शियल सिलेंडर भी उपलब्ध हैं, जिन्हें आवश्यकता अनुसार वितरित किया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

