नारनौल में पानी की बर्बादी पर सख्ती, बिल वसूली और टोंटी अनिवार्य, नहीं तो लगेगा जुर्माना

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नारनौल में पानी की बर्बादी पर सख्ती, बिल वसूली और टोंटी अनिवार्य, नहीं तो लगेगा जुर्माना


बैठक में पेयजल व्यवस्था मजबूत करने को 10 एजेंडों पर मंथन

नारनाैल, 25 मार्च (हि.स.)। नारनौल स्थित लघु सचिवालय सभागार में जिला महेंद्रगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पावरिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जल प्रबंधन से जुड़े 10 अहम एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ने बुधवार को स्पष्ट निर्देश दिए कि जो ग्राम पंचायतें अपने क्षेत्र में 100 प्रतिशत पेयजल बिल वसूली सुनिश्चित करेंगी और हर नल पर टोंटी लगवाएंगी, उन्हें गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब हर घर में नल से जल पहुंच चुका है, ऐसे में जल संरक्षण और जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है।

बैठक में सामने आया कि शहरी क्षेत्र में 39 हजार 195 उपभोक्ताओं पर दो हजार 82 लाख रुपये बकाया में से केवल 148 लाख रुपये ही वसूले गए हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और चिंताजनक है। एक लाख 42 हजार 608 उपभोक्ताओं पर 631 लाख रुपये बकाया में से मात्र साढ़े तीन लाख रुपये की वसूली हुई है। इस पर एडीसी ने पंचायतों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग पेयजल की बर्बादी करते हैं, नलों को खुला छोड़ते हैं, पीने के पानी से सिंचाई करते हैं या अवैध कनेक्शन लेते हैं, उनके खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब पेयजल व्यवस्था का संचालन ग्राम जल एवं सीवरेज समितियां करेंगी। एकल ग्राम योजनाओं में यह व्यवस्था एक अप्रैल 2026 से और मल्टी ग्राम योजनाओं में एक अप्रैल 2027 से लागू होगी। साथ ही सभी शिकायतों का निपटान राइट टू सर्विस एक्ट के तहत समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाएगा। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार, अधीक्षक अभियंता एसपी जोशी, कार्यकारी अभियंता जितेंद्र हुड्डा, बीडीपीओ रेनू लता, जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा, जिला युवा अधिकारी नित्यानंद आदि मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

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