कैथल: विद्यार्थियों ने मॉक ड्रिल में सीखे भूकंप से बचाव के तरीके

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कैथल: विद्यार्थियों ने मॉक ड्रिल में सीखे भूकंप से बचाव के तरीके


कैथल, 07 अक्टूबर (हि.स.)। अचानक भूकंप आ जाए, आग लग जाए या किसी व्यक्ति को चोट लगने के बाद तत्काल मदद की जरूरत हो तो ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय क्या कदम उठाने चाहिए, इसका विद्यार्थियों ने बुधवार को व्यावहारिक प्रशिक्षण लिया। जाखौली स्थित शहीद गुरदयाल सिंह राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सातवीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) बठिंडा की टीम ने स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और स्टाफ को आपदा से निपटने के तरीके बताए।

एनडीआरएफ टीम ने भूकंप से बचाव के लिए मॉक ड्रिल करवाते हुए विद्यार्थियों को सुरक्षित स्थान की पहचान, नीचे झुकने और स्थिति सामान्य होने तक सावधानी बरतने का अभ्यास कराया। टीम ने समझाया कि आपदा के समय अफवाह या घबराहट के बजाय सही जानकारी और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करना अधिक जरूरी है।

प्रशिक्षण के दौरान प्राथमिक उपचार पर भी विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों और स्टाफ को चोट लगने पर पट्टी बांधने, रक्तस्राव रोकने, हड्डी में चोट आने पर प्रभावित हिस्से को स्थिर करने तथा घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की जानकारी दी गई। सांस की नली में बाहरी वस्तु फंसने की स्थिति में तत्काल सहायता के तरीके भी बताए गए।

कार्यक्रम में एनडीआरएफ टीम ने यह भी दिखाया कि आपात स्थिति में आसपास उपलब्ध सामान्य सामान का उपयोग किस तरह किया जा सकता है। कंबल, टी-शर्ट और बोरी की मदद से अस्थायी स्ट्रेचर तैयार करने का प्रदर्शन किया गया। इसी तरह खाली बोतल, बर्तन और तेल के खाली डिब्बों जैसी घरेलू वस्तुओं से पानी में तैरने वाला अस्थायी उपकरण बनाने की विधि भी समझाई गई।

एनडीआरएफ के जवानों ने आग लगने की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के साथ अग्निशामक यंत्र के सुरक्षित इस्तेमाल का तरीका भी बताया। इसके अलावा लू, शीतलहर, बिजली का करंट लगने, आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली और सर्पदंश जैसी परिस्थितियों में तत्काल उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी गई।

टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि आपदा प्रबंधन केवल राहत और बचाव तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा आने से पहले तैयारी करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसके लिए स्कूल स्तर पर सुरक्षा योजना और आपात स्थिति में एक-दूसरे की मदद करने की जानकारी होना जरूरी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

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