हिसार: पांच जीवन मूल्यों से होगा सशक्त समाज का निर्माण : प्रो. विजय कुमार
कुलपति प्रो. विजय कुमार ने चरित्र, सृजनात्मकता, क्षमता, करुणा और चेतना से
सशक्त समाज निर्माण का दिया संदेश
कर्नाटक के प्रतीक्ष और छत्तीसगढ़ की हर्षिता यदु बने सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक,
टीम रणथंभौर को मिला बेस्ट टीम का खिताब
हिसार, 28 अक्टूबर (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की ओर से आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय एकीकरण शिविर
का बुधवार को समापन हो गया। इस शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से आए स्वयंसेवकों
ने राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विविधता, सामाजिक सेवा और युवा नेतृत्व से जुड़ी गतिविधियों
में भाग लिया। शिविर के दौरान आयोजित ‘रंग-ए-भारत’ सांस्कृतिक संध्या में विभिन्न राज्यों की लोक
संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, लोक नृत्य और संगीत की आकर्षक प्रस्तुतियों ने समां बांध
दिया।
‘रंग-ए-भारत’ सांस्कृतिक संध्या
में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजय कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
उन्होंने अपने संबोधन में चरित्र, सृजनात्मकता, क्षमता, करुणा और चेतना को सशक्त समाज
के निर्माण का आधार बताया। उन्होंने कहा कि ये पांच जीवन मूल्य युवाओं के व्यक्तित्व
विकास और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि चरित्र व्यक्ति को नैतिक दिशा देता है, सृजनात्मकता नवाचार
को बढ़ावा देती है, क्षमता लक्ष्य प्राप्त करने का सामर्थ्य प्रदान करती है, करुणा
दूसरों के प्रति संवेदनशील बनाती है और चेतना व्यक्ति में अपने दायित्वों के प्रति
जागरूकता पैदा करती है। युवाओं को इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाकर राष्ट्र निर्माण
में सक्रिय योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत
किया। सांस्कृतिक संध्या में विश्वविद्यालय के लगभग एक हजार विद्यार्थियों ने सहभागिता
की। विभिन्न राज्यों से आए स्वयंसेवकों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम
से भारत की विविधता में एकता की भावना को जीवंत किया। शिविर के समापन समारोह में हरियाणा के पूर्व राज्य सूचना आयुक्त डॉ. जगबीर
सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकीकरण शिविर
युवाओं को विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय विषयों को समझने का महत्वपूर्ण
अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से शिविर के दौरान प्राप्त अनुभवों को
अपने जीवन में अपनाने और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।
टीम रणथंभौर को बेस्ट टीम का पुरस्कार
शिविर के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन और योगदान के लिए स्वयंसेवकों को सम्मानित
किया गया। विभिन्न गतिविधियों में शानदार प्रदर्शन करने पर टीम रणथंभौर को सर्वश्रेष्ठ
टीम का पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं, स्वयंसेवक श्रेणी में कर्नाटक के प्रतीक्ष
और स्वयंसेविका श्रेणी में छत्तीसगढ़ की हर्षिता यदु को सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक पुरस्कार
से सम्मानित किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

