हरियाणा में इंतकाल के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं: नायब सिंह सैनी
- डिजिटल होगी रजिस्ट्री एवं इंतकाल प्रक्रिया
- सरकार ने शुरू किया पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 और ऑटो इंतकाल
पासपोर्ट की तरह रजिस्ट्री की अपॉइंटमेंट भी तत्काल श्रेणी मिलेगी
चंडीगढ़, 23 जून (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को ऑटो म्यूटेशन प्रणाली एवं पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 का शुभारंभ कर दिया है। अब हरियाणा में इंतकाल के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। इतना ही नहीं, घर बैठे ही इंतकाल को डाउनलोड भी किया जा सकेगा।
हरियाणा निवास पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रिमोट का बटन दबाकर इन परियोजनाओं का आगाज किया। कार्यक्रम में हरियाणा के सभी जिलों से भी विभाग के अधिकारीगण और उपायुक्त वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये जुड़े थे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज ऑटो म्यूटेशन प्रणाली एवं पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 के शुभारंभ के साथ उसे एक नई दिशा मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले लोगों को इंतकाल और भूमि संबंधी कार्यों के लिए एक-एक और दो-दो वर्ष तक इंतजार करना पड़ता था। आम नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पेपरलेस रजिस्ट्री की शुरुआत 29 सितंबर, 2025 को कुरुक्षेत्र की लाडवा तहसील से की गई थी, जिसे 1 नवंबर, 2025 से पूरे राज्य में लागू कर दिया गया था। पिछले आठ महीनों के दौरान विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों और अनुभवों के आधार पर अब इसके दूसरे चरण पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 को लागू किया गया है, जिसमें रजिस्ट्री प्रक्रिया के साथ-साथ इंतकाल को भी शामिल कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि नई प्रणाली में रजिस्ट्री के लिए आवेदन फॉर्म को पहले की तुलना में अधिक सरल और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाया गया है। दोनों पक्षों के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य की गई है, जिससे पहचान की शत-प्रतिशत पुष्टि सुनिश्चित होगी।
नई योजना में क्या मिलेंगी सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति, कंपनी, संस्था अथवा एनआरआई स्वयं रजिस्ट्री प्रक्रिया में उपस्थित नहीं हो सकता है, तो वह अब एक से अधिक व्यक्तियों को अपना प्रतिनिधि नियुक्त कर सकेगा। नागरिक स्वयं, डीड राइटर, अधिवक्ता अथवा हेल्पडेस्क के माध्यम से डीड भर सकेंगे।
नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री के समय भूमि का कौन-सा भाग प्राइम श्रेणी तथा कौन-सा नॉन-प्राइम श्रेणी में आता है, इसकी जानकारी सिस्टम में स्वत: प्रदर्शित होगी। पूरी प्रक्रिया में डिजिटल हस्ताक्षर एवं बायोमेट्रिक प्रणाली लागू की गई है। यदि किसी भूमि पर हरियाणा स्टाम्प नियमों के तहत धारा 7ए लागू होती है, तो उसकी जानकारी भी रजिस्ट्री के समय सिस्टम में स्वत: दिखाई देगी।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को ऑनलाइन स्टेटस सत्यापन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किसी भी प्रकार की अनियमितता की स्थिति में स्वत: रोक (ऑटो-होल्ड) व्यवस्था लागू होगी। विभिन्न संबंधित विभागों की जानकारी सीधे रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में प्रदर्शित होगी। नागरिक अतिरिक्त दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे तथा रजिस्ट्रेशन के समय भी अतिरिक्त दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
रजिस्ट्री के लिए मिलेगी तत्काल अपॅाइंटमेंट
मुख्यमंत्री ने बताया कि दस्तावेजों के सत्यापन के लिए क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की गई है तथा अधिकतम तीन अवसरों के भीतर मामले का निर्णय सुनिश्चित किया जाएगा। अब पासपोर्ट की तरह रजिस्ट्री की अपॉइंटमेंट भी तत्काल श्रेणी में भी प्राप्त की जा सकेगी। आवश्यकता पडऩे पर अतिरिक्त ई-स्टाम्प जोडऩे की सुविधा उपलब्ध होगी। डीटीपी तथा एनओसी के लिए अलग से दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी तथा विभागीय सत्यापन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑटो म्यूटेशन प्रणाली को लागू करने से पहले इसे एक माह तक पायलट आधार पर संचालित किया गया। इस दौरान प्राप्त सभी सुझावों एवं फीडबैक को प्रणाली में शामिल किया गया। प्रारंभिक चरण में ही लगभग 50 हजार इंतकाल स्वत: दर्ज किए जा चुके हैं।
नई व्यवस्था के तहत अब रजिस्ट्री होते ही इंतकाल स्वत: दर्ज हो जाएगा तथा रजिस्ट्री के समय ही संबंधित इंतकाल नंबर उपलब्ध हो जाएगा। जिन मामलों में खेवट विभाजन की आवश्यकता नहीं होगी, उनमें 24 घंटे के भीतर इंतकाल स्वीकृत कर दिया जाएगा। वहीं जिन मामलों में खेवट विभाजन आवश्यक होगा, उनमें अधिकतम 10 दिनों के भीतर इंतकाल का निपटान सुनिश्चित किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

