हिसार : गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने एमएएमसी अग्रोहा में समझी रेडियोलॉजी की आधुनिक तकनीक
बीएमआरआईटी विद्यार्थियों ने डिजिटल एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई व अल्ट्रासाउंड
की कार्यप्रणाली का किया प्रत्यक्ष अध्ययन
हिसार, 06 अक्टूबर (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
के एलाइड हेल्थ साइंसेज विभाग की ओर से बैचलर इन मेडिकल रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी
(बीएमआरआईटी) के विद्यार्थियों के लिए महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा (एमएएमसी)
में एक दिवसीय शैक्षणिक एवं व्यावहारिक भ्रमण का आयोजन किया गया। भ्रमण में विभाग के
38 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने अस्पताल के वास्तविक वातावरण में आधुनिक
चिकित्सीय तकनीकों और रेडियोलॉजी की कार्यप्रणाली को करीब से समझा।
एलाइड हेल्थ साइंसेज विभाग के अध्यक्ष प्रो. ओम प्रकाश सांगवान ने मंगलवार काे बताया कि
भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान के साथ अस्पताल
की वास्तविक कार्यप्रणाली और आधुनिक चिकित्सीय तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव देना था।
उन्होंने कहा कि इस तरह के भ्रमण विद्यार्थियों को स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की वास्तविक
चुनौतियों से परिचित कराने के साथ उन्हें भविष्य में कुशल एवं प्रशिक्षित हेल्थकेयर
प्रोफेशनल के रूप में तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विद्यार्थियों ने एमएएमसी के रेडियोलॉजी विभाग में डिजिटल एक्स-रे, सीटी स्कैन,
एमआरआई और अल्ट्रासाउंड जैसी आधुनिक डायग्नोस्टिक मशीनों के संचालन और इमेजिंग प्रक्रियाओं
का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। विशेषज्ञों ने उन्हें रेडिएशन सुरक्षा मानकों, आपातकालीन
एवं सामान्य जांच प्रक्रियाओं, कंट्रास्ट मीडिया के उपयोग तथा मेडिकल इमेजिंग में तकनीकी
दक्षता के महत्व की जानकारी दी।
इसके बाद विद्यार्थियों ने एनाटॉमी विभाग का दौरा किया, जहां उन्होंने मानव
शरीर की रचना, अस्थि-पंजर संरचना, विभिन्न आंतरिक अंगों और ऊतकों की वास्तविक स्थिति
को विस्तार से समझा। विशेषज्ञों ने बताया कि सटीक रेडियोलॉजिकल इमेजिंग और सही नैदानिक
निष्कर्ष के लिए एनाटॉमी की गहरी समझ आवश्यक है। विभाग की प्रभारी डॉ. अंजू गुप्ता
ने बताया कि भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और समन्वय के लिए विभाग के
शिक्षक एवं विशेषज्ञ दल के साथ मौजूद रहे। इनमें डॉ. रोहित बंसल, डॉ. मंजीत सिंह जादौन,
डॉ. विकास काजला एवं सुश्री रितु शामिल रहे। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नैदानिक
मामलों के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी तथा मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों के साथ
संवाद सत्र भी कराया। मेडिकल कॉलेज के दोनों विभागों के व्यावहारिक अध्ययन के बाद विद्यार्थियों
को अग्रोहा धाम की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर से भी परिचित कराया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

