यमुनानगर:रेत-बजरी ढुलाई पर रोक से भड़का आक्रोश, सैकड़ों लोगों ने लघु सचिवालय घेरा

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यमुनानगर:रेत-बजरी ढुलाई पर रोक से भड़का आक्रोश, सैकड़ों लोगों ने लघु सचिवालय घेरा


यमुनानगर, 14 जनवरी (हि.स.)। यमुनानगर में माइनिंग से जुड़े रोजगार पर संकट गहराता नजर आ रहा है। जिला प्रशासन द्वारा रेत, बजरी और मिट्टी की ढुलाई करने वाले वाहनों पर लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में बुधवार को सैकड़ों लोगों ने जिला लघु सचिवालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने “हमारा रोजगार चलने दो” के नारे लगाते हुए प्रशासन से रोक हटाने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार यमुनानगर के बुड़िया क्षेत्र और यमुना नदी से सटे इलाकों में रहने वाले सैकड़ों परिवार भवन निर्माण सामग्री की ढुलाई पर निर्भर हैं। जिला प्रशासन द्वारा माइनिंग नाके सख्त किए जाने और वैध बिल होने के बावजूद वाहनों को रोके जाने से उनकी आजीविका पूरी तरह ठप्प हो गई है। प्रदर्शन के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त के नाम तहसीलदार अमित कुमार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली से रेत और बजरी की आपूर्ति पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत माइनिंग बिल लेकर की जाती है। इसके बावजूद बीते दो दिनों से नाकों पर वाहनों को आगे नहीं जाने दिया जा रहा और उन्हें वापस लौटा दिया जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों अनुज, इस्लाम और वीरेंद्र ने कहा कि इस काम से जुड़े अधिकतर लोग आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से हैं। कई ट्रैक्टर फाइनेंस पर लिए गए हैं, जिनकी किश्तें, बच्चों की फीस और घर का खर्च इसी आय से चलता है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से मांग की कि वैध माइनिंग बिल के साथ चल रहे वाहनों को बिना रोक-टोक संचालन की अनुमति दी जाए, ताकि उनका रोजगार बच सके। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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