हिसार-अमृतसर ट्रेन विस्तार की मांग, शिष्टमंडल ने मंत्री-विधायकों को सौंपा ज्ञापन

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हिसार-अमृतसर ट्रेन विस्तार की मांग, शिष्टमंडल ने मंत्री-विधायकों को सौंपा ज्ञापन


हिसार से अमृतसर तक ट्रेन के विस्तार के लिए

शिष्टमंडल ने कैबिनेट मंत्री, एमपी व एमएलए को सौंपा ज्ञापन

हिसार, 20 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा के हिसार से अमृतसर तक सीधी ट्रेन सुविधा न होने के कारण यात्रियों को लुधियाना में घंटों इंतजार करना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए हिसार के एक शिष्टमंडल ने सोमवार को कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा, सांसद जयप्रकाश, विधायक सावित्री जिंदल समेत अन्य विधायकों और मेयर को ज्ञापन सौंपकर ट्रेन विस्तार की मांग की है।

शिष्टमंडल के नेतृत्व में समाजसेवी शिवम सोनी, दिनेश कुमार, श्याम सुंदर

नागपाल व दीपक नागपाल शामिल रहे। ज्ञापन

में मांग की गई है कि अब हिसार से लुधियाना तक की ट्रेन सुविधा है, इसका विस्तार करते

हुए अमृतसर तक की ट्रेन शुरू की जाए।

शिष्टमंडल के सदस्य शिवम सोनी ने बताया कि हिसार से पंजाब के प्रमुख

शहरों अमृतसर, ब्यास, जालंधर कैंट व नकोदर के लिए वर्तमान में प्रतिदिन केवल एक ही

सीधी रेलगाड़ी उपलब्ध है। इस ट्रेन में हरियाणा, राजस्थान एवं पंजाब के श्रद्धालु,

व्यापारी, आम यात्री, भारतीय सेना के जवान एवं उनके परिजन यात्रा करते हैं। यात्रियों

में महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग भी काफी संख्या में होते हैं। अधिक भीड़ होने के कारण

इन्हें बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

शिष्टमंडल ने यह भी मांग की है कि हिसार से लुधियाना

व धुरी तक पैसेंजर ट्रेन संख्या 54603, 54605,

54633, 54635 व 54631 संचालित की जा

रही हैं। इनमें से किसी भी एक ट्रेन का विस्तार अमृतसर तक करने से यात्रियों को काफी

सुविधा हो जाएगी। विशेषकर ट्रेन संख्या 54631 सबसे अधिक लाभकारी साबित होगी। शिष्टमंडल

के सदस्यों ने बताया कि रेलगाड़ी संख्या 14653-14654 (हिसार-अमृतसर एक्सप्रेस) में

डिब्बों की संख्या काफी कम होने के कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता

है। यह ट्रेन रात्रि 23:55 बजे हिसार से प्रस्थान करती है, जिसमें वर्तमान में केवल

5-6 सामान्य डिब्बे एवं एक स्लीपर कोच है। यात्रियों की बढ़ती संख्या के चलते यह पर्याप्त

नहीं हैं। इसलिए इस रेलगाड़ी में 5-6 स्लीपर कोच व 6-7 सामान्य कोच बढ़ाने की नितांत

आवश्यकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

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