हिसार : कुलपति प्रो. नरसीराम बिश्नोई ने जापान के उच्च शिक्षा अधिकारियों से की मुलाकात
जापानी शिक्षण संस्थान व गुजविप्रौवि शोध व शिक्षण में मिलकर करेंगे कार्य
टोक्यो में चल रहे भारत-जापान उच्च शिक्षा मिशन (आईजेएचईएम) कार्यक्रम में
मिले वीसी
जापानी शिक्षण संस्थानों के अधिकारियों के समक्ष रखा गुजविप्रौवि का विजन
हिसार, 15 जनवरी (हि.स.)। टोक्यो में चल रहे भारत-जापान उच्च शिक्षा मिशन
(आईजेएचईएम) कार्यक्रम में यहां के गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
लगातार अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज करवा रहा है। भारत-जापान उच्च शिक्षा मिशन (आईजेएचईएम)
कार्यक्रम में भाग ले रहे कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई जापान के शिक्षा मंत्रालय
के उच्च अधिकारियों से बात कर रहे हैं तथा गुजविप्रौवि व जापानी शिक्षण संस्थानों के
बीच शोध व शिक्षण की उच्च स्तरीय संभावनाओं को तलाशा जा रहा है।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने गुरुवार काे एक विशेष बैठक में जापानी शिक्षा मंत्रालय
के उच्च शिक्षा ब्यूरो, टोक्यो के अंतरराष्ट्रीय मामलों के प्रभाग के निदेशक सातो कुनाइकी
से मुलाकात की। कुलपति ने सातो कुनाइकी को गुजविप्रौवि की आधिकारिक ‘यूनिवर्सिटी बुकलेट’ भेंट की। इस बुकलेट
के माध्यम से विश्वविद्यालय की अनुसंधान क्षमताओं, अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग और भविष्य
की योजनाओं से जापानी अधिकारियों को अवगत कराया गया। सातो कुनाइकी ने भी गुजविप्रौवि
के विजन की प्रशंसा की तथा कहा कि गुजविप्रौवि भारत और जापान के बीच शैक्षणिक संबंधों
में केंद्रीय भूमिका अदा करेगा। टोक्यो में चल रहे इस छह दिवसीय कार्यक्रम में दोनों
देशों के शिक्षाविद् कई महत्वपूर्ण सत्रों में भाग ले रहे हैं। गुजविप्रौवि के कुलपति
प्रो. नरसी राम बिश्नोई इस कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि जापानी शिक्षा मंत्रालय ने भारतीय
शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर कार्य करने की योजना बना रहे हैं। जापान द्वारा भारतीय
शोधकर्ताओं के लिए विशेष स्कॉलरशिप व अनुदान की भी घोषणा की गई है। जापानी विशेषज्ञों
ने सेमिकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्टस में गुजविप्रौवि को भागीदार
बनाने का प्रस्ताव दिया है। गुजविप्रौवि के विद्यार्थियों का जापान के शीर्ष विश्वविद्यालयों और तकनीकी
कंपनियों में इंटर्नशिप का मौका मिलेगा। दोनों देशों के संस्थान आपसी सहयोग से अत्याधुनिक
प्रयोगशालाएं स्थापित करेंगे तथा फैकल्टी एंड स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम भी चलाएंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

