गुरुग्राम: लावारिस पशुओं को पकडऩे गई नगर निगम की टीम पर हमला
-शहर के दो पुलिस थानों में दर्ज कराई गई एफआईआर
गुरुग्राम, 01 जनवरी (हि.स.)। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा शहर में खुले में घूमने वाले पशुओं की समस्या के समाधान के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान गुरुवार को निगम कर्मियों के साथ अभद्रता, हमला और सरकारी कार्य में बाधा डाली गई। इन घटनाओं को लेकर नगर निगम की शिकायत पर पुलिस थाना सेक्टर-56 और न्यू कॉलोनी में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है।
पहला मामला थाना सेक्टर-56 में दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता आकाश, जो नगर निगम गुरुग्राम में सहायक सैनिटरी इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वे निगम की टीम के साथ सेक्टर-56 क्षेत्र में सडक़ों पर घूम रही गायों को पकडऩे की ड्यूटी पर थे। टीम में अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद थे। शिकायत के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने जानबूझकर निगम के सरकारी कार्य में बाधा डाली। आरोपियों ने न केवल निगम कर्मियों के साथ गाली-गलौज की, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। जब टीम ने गायों को पकडऩे का प्रयास किया तो आरोपियों ने उन्हें जबरन भगा दिया। इस दौरान कई मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल किया गया, जिनमें से कुछ के नंबर नोट किए गए, जबकि कुछ वाहनों पर नंबर प्लेट तक नहीं थी। शिकायतकर्ता ने घटना के फोटो व वीडियो साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भीम पुत्र गेसा, तरुण पुत्र सूरज, सन्नी पुत्र कालू, रितिक पुत्र तबराज तथा संजय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
न्यू कॉलोनी में निगम वाहन पर हमला
दूसरी घटना थाना न्यू कॉलोनी क्षेत्र में सामने आई। इस मामले में भी शिकायतकर्ता आकाश की शिकायत के मुताबिक, न्यू कॉलोनी इलाके में आवारा गायों को पकडऩे के लिए नगर निगम की टीम जब मौके पर पहुंची, तो कुछ अज्ञात लोगों ने निगम की गाड़ी पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने गायों को निगम की गाड़ी से जबरन छुड़ा लिया, कर्मचारियों के साथ हाथापाई की और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। इस घटना का वीडियो भी बनाया गया, जिसे जांच के दौरान पुलिस को उपलब्ध कराने की बात कही गई है। पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच अधिकारी नियुक्त किया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालना और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ मारपीट करना गंभीर अपराध है। दोनों मामलों में साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शहर को सुरक्षित और स्वच्छ बनाए रखने के लिए आवारा पशुओं के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। निगम कर्मियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस से समन्वय बढ़ाया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

